अहरौला। लेदौरा के ब्रह्म स्थान पर चल रहे सात दिवसीय रूद्र महा यज्ञ के छठवें दिन शनिवार की सुबह यज्ञ मंडप की लोगो ने परिक्रमा कर रूद्र देव से सुख संवृद्धि की कामना की। अयोध्या से आये कथा वाचक पंडित विध्याचल त्रिपाठी ने भागवत कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ने गुरुकुल मे संदीपनी गुरू के जब विद्या ग्रहण करने के लिए गए तो तो उन्होंने 64 दिन में 64 कलाओं में ज्ञान प्राप्त किया। गुरु संदिपनी साक्षात भगवान से दक्षिणा न लेने की बात कहते है। कृष्ण द्वारा बार-बार गुरु दक्षिणा के लिए आग्रह करने पर नाराज गुरु अपने लापता पुत्र को माँगते है, जिससे भगवान भी विचलित हो जाते है। मौके पर यज्ञाचार्य रामबली पांडित, यज्ञ कर्ता राहुल चौबे, हाकिम बाबा लक्ष्मी चौबे, हनुमान शर्मा, दशरथ चौबे आदि रहे।