अहरौला। युधिष्ठिर पट्टी ग्राम सभा में कोटे की दुकान में अनियमितता को लेकर कई महीनों से ग्रामीण और कोटेदार आमने-सामने हैं। ग्रामीण तहसील से लेकर जिले तक का चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने सप्लाई इंस्पेक्टर की गाड़ी रोक ली और उन पर कोटेदार से मिलीभगत का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि राशन कम और पैसा ज्यादा लिया जाता है। राशन कार्ड में आधार कार्ड जोड़ने के नाम पर हर महीने पैसा भी लिया जाता है। 15 दिन पहले सप्लाई इंस्पेक्टर विजय साहनी जांच करने पहुंचे थे। ग्रामीण का बिना बयान दर्ज किए ही वापस चले गए। सोमवार को सप्लाई इंस्पेक्टर विजय साहनी पुन: जांच करने पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बार भी वो उनकी बिना सुने जा रहे थे। तभी ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी रोक ली। उनका कहना है कि कोटेदार और सप्लाई इंस्पेक्टर की मिलीभगत की वजह से बार बार सप्लाई इंस्पेक्टर मामला टाल रहे हैं। बयान के दौरान कोटेदार समर्थकों और ग्रामीणों से कहासुनी भी हुई। सप्लाई इंस्पेक्टर ने तीन दिन का समय कार्रवाई के लिए मांगा। अशोक कुमार, सूरज, दिनेश, गब्बर, जोगिंदर, रामराज, द्वारिका, करोड़ा देवी, कुसुम, अंजू आदि ग्रामीण मौजूद रहे।