लालगंज। ग्रामीण न्यायालय की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने मंगलवार को तहसील परिसर के सामने आजमगढ़ -वाराणसी मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। दी बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष नगेंद्र सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में तहसील परिसर का चक्रमण किया और नारेबाजी की। लगभग 45 मिनट बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जाम खोला गया। अध्यक्ष नगेंद्र सिंह एडवोकेट का कहना है कि अधिवक्ता तहसील लालगंज पर मुंसिफ कोर्ट की स्थापना को लेकर 30 साल से मांग कर रहे हैं। समय-समय पर शांतिपूर्वक आंदोलन भी किया। शासन की ओर से भूमि और भवन उपलब्ध कराया गया, बावजूद इसके आज तक ग्रामीण न्यायालय की स्थापना नहीं की गई। इससे अधिवक्ताओं और क्षेत्रीय जनता में आक्रोश है। अधिवक्ता हामिद अली ने कहा कि लालगंज में ग्रामीण न्यायालय की स्थापना होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। इसे लेकर कई महीने से हर मंगलवार अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहते हैं। बृजभान सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय जनता के हित एवं विकेंद्रीकरण की नीति के तहत ग्रामीण न्यायालय की स्थापना होनी ही चाहिए। एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शनी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जाम दोपहर 12:15 से एक बजे तक चला। इस मौके पर अशोक अस्थाना, प्रसिद्ध नरायण, राजेश कुमार सिंह, शिव प्रकाश, तेजबहादुर मौर्य, लालजी सिंह, राजेंद्र लाल, योगेन्द्र राय, सुधांशमोहन, दयाशंकर, नित्यानंद सिंह, कृष्ण कुमार मोदनवाल, बृजभान सिंह आदि थे।