आजमगढ़। देश में बढ़ रही मंहगाई और प्रतिदिन पेट्रोल, डीजल के बढ़ रहे दामों को लेकर नाराज अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने बुधवार को रामवृक्ष मास्टर के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया और सरकार की जनविरोधी नीतियों पर विरोध जताया। धरने को संबेाधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष जियालाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने डीजल, पेट्रोल के बढ़े दामों को कम करने और मनरेगा मजदूरों की दैनिक मजदूरी चार सौ रुपए दिए जाने की बात कही थी, लेकिन आज तक न तो पेट्रोल-डीजल के दाम घटे और न ही मनरेगा मजदूरों को चार सौ रुपये दैनिक मजदूरी मिलती है। रामवृक्ष मास्टर ने सरकार से मजदूरों को 18000 रुपया प्रति माह मजदूरी दिए जाने की मांग किया। जिलामंत्री कामरेड रामनिहोर निडर ने सरकार से फर्जी मुकदमें में फंसाए गए दलितों को रिहा करने और उन पर हो रहे अत्याचार को बंद किए जाने की मंाग किया। उन्होंने भारत की कम्युनिस्ट पार्टी में भाजपा सरकार की सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने और धार्मिक उन्माद फैलाने का कड़ा विरोध किया। जिलाध्यक्ष रामजनम यादव ने सरकार के किसान विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए मांग किया कि कृषि पर लागत खर्च बढ़ाया जाए, किसानों की बढ़ती आत्म हत्याओं को रोका जाए, पूंजीपतियों की तरह किसानों को भी राहत दिया जाएं। जिलामंत्री जयप्रकाश पांडेय ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है। जिसके चलते किसानों के आत्म-हत्या करने का ग्राफ बढ़ गया है। वेदप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि सरकार की नीतियों से किसान परेशान है। छुट्टा पशुओं से फसलों की बर्बादी हो रही है। फिर भी किसानों की सभी समस्याओं पर सरकार चुप्पी साधी हुई है। जिससें किसानों में सरकार के प्रति काफी आक्रोश व्याप्त है। इस मौके पर मनि शर्मा, फूलचंद, जगरदेव, अब्दुल कलाम, हरिओम, रामवृक्ष सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।