आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की बैठक हुई। इस दौरान डीएम ने चकमार्ग, तालाब और सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटवाने के साथ प्रत्येक तहसील के पांच-पांच निष्क्रिय लेखपालों को चिह्नित कर चार्जशीट जारी करने निर्देश दिया। कहा कि 50 वर्ष से अधिक ऐसे लेखपालों को स्क्रीनिंग कमेटी के सामने प्रस्तुत कर उन्हें राजकीय सेवा से बर्खास्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लेखपालों के पास भूमि विवाद संबंधी सर्वाधिक मामले लंबित है। ऐसे लेखपालों की एसडीएम सूची बनाकर मुख्य राजस्व अधिकारी को भेजे। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध अतिक्रमण करने वाले के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्यवाही करें, ताकि वह दुबारा अतिक्रमण न करें। इस कार्य को 31 जुलाई तक पूरा करें। उन्होंने मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया कि वे तहसील जाकर इनके कार्यो की समीक्षा करें। समीक्षा के आधार पर शिथिलता बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करें। उन्होंने जनसुनवाई में आए मामलों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि मुकदमों के निस्तारण में ढिलाई हो रही है, एसडीएस एवं तहसीलदार नियमित कोर्ट नही कर रहे है। 120बी के 4000 से अधिक मुकदमे सभी तहसीलों में लंबित है, निस्तारण की गति धीमी है। इसमे तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि किसान ऋण माफी योजना में प्रत्येक तहसील में केट्रोल रूम बनेगा। इससे संबंधित प्रत्येक शिकायत का निस्तारण एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री का निर्देश है कि इससे संबंधित कोई मामला लखनऊ नहीं पहुंचना चाहिए, इसलिए इन मामलों को गंभीरता से निपटाए। इसके पूर्व बैंक से सूची प्राप्त होने पर भूलेख रिकार्ड से मिलान कराना होगा, जिसके लिए दस दिन का समय दिया गया है। सभी एसडीएम सक्षम राजस्व कार्मियों की समिति गठित कर लें।