आजमगढ़। अगर किसी विधानसभा में 16 या इससे ज्यादा प्रत्याशी होते हैं तो वहां पर दो बैलेट यूनिट का इस्तेमाल किया जाएगा क्योंकि एक बैलेट यूनिट में 15 प्रत्याशी और एक नोटा का बटन रहेगा। इससे एक भी ज्यादा होने पर दूसरी बैलेट यूनिट को जोड़ा जाता रहा है। पहली बार जनपद में इस लोकसभा चुनाव में एम थ्री मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहले अगर 31 से अधिक प्रत्याशी होते थे तो बैलेट पेपर पर मतदान कराया जाता था लेकिन इस बार एम थ्री मशीनों का इस्तेमाल होगा। इसके पहले वर्ष 2000 तक एम वन और उसके बाद एम टू ईवीएम मशीनों का प्रयोग किया जाता था। इस बार चुनाव आयोग ने एम थ्री मशीनों के प्रयोग का निर्णय लिया है। इन मशीनों के प्रयोग से एक साथ कम से 24 बैलेट यूनिट को जोड़ा जा सकता है। इस प्रकार कुल 384 प्रत्याशियों के नाम इन बैलेट यूनिटों में जोड़े जा सकते हैं। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर इंजीनियर कुलभूषण सिंह ने कहा कि पिछले चुनाव में एम थ्री मशीनों का प्रयोग टेस्टिंग के तौर पर छत्तीसगढ़ सहित तीन राज्यों में किया गया था। इसका प्रयोग सफल होने पर निर्वाचन आयोग ने इसे पहली बार पूरे देश में लागू किया है।