आजमगढ़। जैसे-जैसे दो अक्तूबर की तिथि नजदीक आ रही है ओडीएफ को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी निचले स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय नहीं हो रहे हैं। बढ़ते दबाव के बीच ओडीएफ, शौचालय निर्माण और पॉलिथीन निर्माण पर रोक लगाने के लिए डीएम ने निकायों के ईओ, जेई आदि पर शिकंजा कस दिया है। डीएम ने सभी के बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीए और शौचालय निर्माण को लेकर जनपद स्तरीय अधिकारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। दो अक्तूबर की तिथि नजदीक आ रही है, लेकिन निकायों के अधिकारियों के सक्रिय न होने से शासन को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। इस बीच जनसुनवाई के दौरान जनसमस्या के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी की ओर से जब भी पालिका और नगर पंचायतों के ईओ, जेई और सेनेटरी इंस्पेक्टरों को फोन किया जाता है तो पता चलता है कि वो जनपद से बाहर हैं। इससे समस्याओं के निस्तारण की तुंरत कार्रवाई बाधित हो रही थी। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने जनपद के सभी निकायों के ईओ, जेई और सेनेटरी इंस्पेक्टर को निर्देश जारी किया गया है कि कोई बिना उनकी अनुमति के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। अवकाश की स्थिति में भी अपने अधीनस्थ के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराएगा।