आजमगढ़। इंटर कालेज बोझी जिला मऊ के प्रधानाचार्य पद पर तैनात वेद प्रकाश सिंह की डिग्री फर्जी घोषित हो गई है। इसके बाद भी वे शिक्षा विभाग की कृपा से अपने पद पर बने हुए है। मंडलायुक्त ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और रिकवरी का भी आदेश दिया हुआ है। शिकायतकर्ता ने शुक्रवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक को पत्रक देकर फर्जी डिग्रीधारी प्रधानाचार्य और अन्य दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया। सगड़ी तहसील क्षेत्र के चंगईपुर गांव निवासी नरसिंह सिंह पुत्र सभाजीत सिंह ने इंटर कालेज बोझी के प्रधानाचार्य वेद प्रकाश सिंह की डिग्री फर्जी होने की शिकायत मंडलायुक्त से की थी। शिकायत पर जांच शुरू हुई तो प्रधानाचार्य की बीएससी और बीएड की डिग्री जो गोरखपुर विश्वविद्यालय की थी फर्जी घोषित हो गई। विश्वविद्यालय ने दोनों डिग्री फर्जी बताते हुए उसे निरस्त कर दिया। इस पर मंडलायुक्त ने प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए एफआईआर दर्ज कराने और वेतन रिकवरी का आदेश दिया। मंडलायुक्त ने यह निर्देश संयुक्त शिक्षा निदेशक को देते हुए कार्रवाई कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा। काफी समय बीत जाने के बाद भी वेद प्रकाश सिंह अभी भी विद्यालय के प्रधानाचार्य के पद पर तैनात हैं। जिस पर शिकायतकर्ता नरसिंह सिंह शुक्रवार को जेडी कार्यालय पहुंचा और पुन: पत्र देकर पूर्व में हुए आदेश के क्रम में कार्रवाई की मांग किया। पत्रक में उसने चेतावनी भी दिया कि यदि 15 दिनों में फर्जी डिग्री धारक प्रधानाचार्य और उसे बचाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह जेडी कार्यालय में धरना प्रदर्शन को बाध्य होगा।