आजमगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के फसल सुरक्षा वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.रुद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में प्रशिक्षण भवन में चल रहे पांच दिवसीय मधुमक्खि पालन का प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण खादी एवं ग्रामोद्योग भारत सरकार द्वारा आयोजित किया गया, जिसमे 30 से अधिक बेरोजगार युवा और युवतियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कृषि विज्ञान के प्रभारी अधिकारी डा.आरके सिंह ने कृषकों को आय दोगुनी करने में मधुमक्खि पालन के महत्व को बताया और लोगों को मिलकर कार्य करने की सीख दी। जिला उद्यान अधिकारी बीके वर्मा ने प्रतिभागियों को मधुमक्खि पालने में विभाग द्वारा दी जानी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।उन्होंने बताया कि मधुमक्खियों के पराग से फसलों की उपज में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हो जाती है। प्रतिभागियों को पल्हनी के राजेश यादव के फार्म पर लेकर जाकर मधुमक्खि पालन की तकनीकी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में उमाशंकर, केंद्र के वैज्ञानिकों में रणधीर नायक, डा. आरके आनंद, डा. एलसी यादव, डा. डीके पांडेय उपस्थित रहे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों में राधेश्याम, सुभाष राय, रीता, रेखा, विपिन बिहारी प्रदीप यादव, राम नगीना सिंह आदि शामिल रहे।