फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करौझा, ध्यानीपुर और सिघोरा के ग्राम प्रधान की जांच का निर्देश

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत निर्मित हो रहे शौचालय के निर्माण के प्रगति की समीक्षा की गई। जिसमें करौझा, ध्यानीपुर और सिघोरा के ग्राम प्रधान के कार्यों की जांच करने का निर्देश दिया। बैठक से अनुपस्थित रहने पर कालीपट्टी के ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही सीडीओ को खैरूद्दीनपुर गांव में शौचालय निर्माण की जांच करने को कहा। जिलाधिकारी द्वारा समस्त विकास खंडों के शौचालय निर्माण में खराब प्रगति वाले तीन राजस्व ग्रामों की समीक्षा की गई। इस बैठक के लिए समस्त विकास खंडों के खंड विकास अधिकारी, संबंधित गांवों के सचिवों और ग्राम प्रधानों को बुलाया गया था। बैठक में पवई ब्लाक के राजस्व ग्राम करौझा में शौचालय निर्माण में खराब प्रगति खराब मिलने और ग्राम प्रधान के रूचि न लेने पर जिलाधिकारी ने उनके विरुद्ध जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही ब्लाक के शेष राजस्व ग्रामों में बचे हुए शौचालय का निर्माण 30 नवंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया। फूलपुर ब्लाक के राजस्व ग्राम संग्रामपुर और खैरूद्दीनपुर में शौचालय का निर्माण बेहद खराब मिलने पर जिलकाधिकारी ने सीडीओ को जांचकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शौचालय निर्माण में खराब प्रगति मिलने पर अतरौलिया के ध्यानीपुर के पूर्व प्रधान, कोयलसा के सिघोरा के ग्राम प्रधान पर जांच करने और पालीपट्टी के प्रधान के अनुपस्थित मिलने पर नोटिस जारी करनेे का निर्देश दिया। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देशित किया कि जहां-जहां के एडीओ पंचायत शौचालय निर्माण में रूचि नहीं ले रहे हैं उनको प्रतिकूल प्रविष्टि दें। ब्लाक पवई, फूलपुर, तरवां, मेंहनगर और कोयलसा में शौचालय निर्माण की प्रगति खराब मिलने पर 30 नवंबर तक हर हाल में शौचालय निर्माण पूरा करने का निर्देश बीडीओ को दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक शौचालय की जांच की जाएगी। खंड विकास अधिकारी, सचिव और ग्राम प्रधान अपने-अपने क्षेत्रों में मानिटरिगं करें, किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां शौचालय का निर्माण हो रहा है वहां जल निकास की व्यवस्था होनी चाहिए। यदि जल निकास की कोई व्यवस्था नहीं है तो ग्राम प्रधान उसे 14वें वित्त से कराएं। शौचालय दो गढढ़ा वाला होना चाहिए सेप्टिक टैंक नहीं होना चाहिए। इस मौके पर सीडीओ कमलेश कुमार सिंह, पीडी डीडी शुक्ल, डीपीआरओ आनंद प्रकाश श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें