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कार्रवाई के नाम पर आश्वासन की घुट्टी पिला रहा विभाग

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आजमगढ़। जिले में प्रतिवर्ष सैकड़ों विद्यालयों को मान्यता न होने के कारण बंद कराया जाता है और सैकड़ों विद्यालयों को बंद करने की नोटिस जारी की जाती है। लेकिन जब कार्रवाई की बात आती है तो विभाग सुस्त पड़ जाता है। विद्यालयों को बंद करने और खुलवाने को विभाग ने अपनी जेबें भरने का धंधा बना लिया है। रानी की सराय विकासखंड में लगभग 18 से 20 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। निजामाबाद प्रतिनिधि के अनुसार शिक्षा सत्र शुरू होते ही इन विद्यालयों में से कुछ विद्यालयों को खंड शिक्षा अधिकारी ने बंद कराया था और कुछ को बंद करने के लिए नोटिस जारी किया था। लेकिन आज यह सभी विद्यालय बिना किसी रोक-टोक के संचालित हो रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इन विद्यालयों जांच दोबारा कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। मार्टीनगंज प्रतिनिधि के अनुसार संसाधन समन्वयक केंद्र मार्टीनगंज द्वारा गैर मान्यता के कुल छह प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 16 है। प्राथमिक से बारहवीं तक एक, 29 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में लिस्टेड हैं। खंड शिक्षाधिकारी अवधेश नारायण सिंह ने जून और जुलाई माह में दो बार गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद कराया और कइयों को नोटिस जारी की। आज यह सभी विद्यालय संचालित हो रहे हैं। एबीएसए मार्टीनगंज अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि हमने बार-बार कोशिश की। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। फोर्स की मांग की लेकिन नहीं मिली। मेंहनगर प्रतिनिधि के अनुसार शासन की सख्ती के बावजूद क्षेत्रीय मातहतों की कृपा से आज भी चार दर्जन से अधिक बिना मान्यता के विद्यालय संचालित हो रहे हैं। शिक्षा विभाग कागजी कोरम पूरा कर अपनी पीठ थपथपा रहा है। पूर्व में क्षेत्र के 41 विद्यालयों को बंद करने का नोटिस जारी किया गया लेकिन इन विद्यालयों का संचालन बंद नहीं हुआ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी मुहम्मदपुर विश्वजीत कुमार ने क्षेत्र में संचालित गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों एक दर्जन से अधिक विद्यालयों को बंद कराया था और 40 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद करने की नोटिस जारी की गई थी। विभागीय मिली भगत से यह विद्यालय बिना किसी रोक-टोक के संचालित हैं। खंड शिक्षा अधिकारी विश्वजीत ने बताया कि यदि विद्यालय संचालित होते पाए गए तो एक लाख जुर्माना और दस हजार प्रतिदिन के साथ साथ मैनेजर और प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों को बंद कराया गया था। लेकिन इनका दोबारा संचालन शुरू कर दिया गया। अब इनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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