आजमगढ़। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिले में लखपति दीदी योजना का विस्तार किया जा रहा है।
योजना के तहत जिलेभर की 1,00,269 महिलाओं का चयन किया जाएगा। चयनित महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और मौजूदा आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को घर से ही लघु उद्योग एवं छोटे कारोबार संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती निर्माण, मसाला पैकिंग, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ सकेंगी। योजना के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास, वित्तीय सहायता तथा उत्पादों के विपणन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पात्र महिलाओं को एक से पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें या उसका विस्तार कर सकें। जिले में वर्तमान में करीब 19 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे 2.43 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं और विभिन्न विभागों को अपनी योजनाओं से पात्र महिलाओं को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। मिशन प्रबंधक सच्चिदानंद ने बताया कि लखपति दीदी योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि करना है। महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।