आजमगढ़। गैर इरादतन हत्या के दोषी को अदालत ने 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आरोपी पर अपनी ही पत्नी व पुत्री की हत्या करने का आरोप था। मंगलवार को यह सजा अपर सत्र न्यायाधीश बीडी भारती ने सुनाया। घटना मेंहनगर थानाक्षेत्र की है।
इस मामले मेें मृतका के पिता राजेंद्र चौहान ने 26 मार्च 2013 को मेंहनगर थाने में घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे के अनुसार करेन्हुआ गांव निवासी आरोपी अजय चौहान पुत्र श्यामबली मानसिक रूप से विक्षिप्त था। इसी के चलते घटना के दिन उसने अपनी पत्नी नीतूू व तीन वर्षीय मासूम पुत्री डाली की गला दबाकर हत्या कर दी। इस सामले में संबंधित थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और जांच कर आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडेय ने मृतका के पिता राजेंद्र , राम अधार, रमेश राजभर, विवेचक जगदीश कुशवाहा, कास्टेबल अरविंद यादव और डॉ. संतोष कुमार को बतौर साक्षी अदालत में पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अजय को दोषी पाया और सजा का निर्धारण किया।