कातिलाना हमले की सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक दोषी को दस वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत की अभाव में एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो रमेश चंद्र की अदालत ने शनिवार को सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, रामसेवक निवासी फजुल्लाहपुर थाना देवगांव की सतिराज निवासी माधोपुर धरांग थाना देवगांव से मुकदमेबाजी की रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश की वजह से 28 अप्रैल 2004 की दोपहर सतिराज़, रामदुलार यादव निवासी माधोपुर धरांग, मिठाई लाल यादव उर्फ हीरालाल निवासी नाऊपुर और एक नाबालिग किशोर ने वादी रामसेवक को जान से मारने की नीयत से पेट में गोली मार दी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया।
नाबालिग आरोपी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। जबकि मुकदमे के दौरान आरोपी मिठाई लाल की मृत्यु हो गई। दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सतिराज यादव को कातिलाना हमले का दोषी पाते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। जबकि पर्याप्त सबूत के अभाव में आरोपी रामदुलार यादव को दोष मुक्त कर दिया।