अवध विवि में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते वक्ता।
अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंध एवं उद्यमिता विभाग और इग्नू के तत्वावधान में भारत में कृषि के बदलते आयाम व ग्रामीण विकास विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के अंतिम दिन विविध क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित किया गया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि राज्य के बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह ने युवाओं से बदलाव का वाहक बनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश को परम वैभव पर पहुंचा सकते हैं। उन्होंने मोटे अनाज की खेती और सेवन का भी आह्वान किया। कहा कि इससे अनेक बीमारियां दूर रहती हैं। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एकल फ्यूचर अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि जिन्हें अक्सर हम कम पढ़ा-लिखा समझते हैं, वे हमसे अधिक समझदार भी हो सकते हैं। स्वयं को समाजसेवी मानने के बजाय लोगों की सेवा को सामाजिक दायित्व मानना चाहिए।
खादी एवं विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन के उत्तर प्रदेश के निदेशक डाॅ. नितेश धवन ने कहा कि 2015 में नवाचार में दुनिया में भारत 81वें स्थान पर था, लेकिन अब 40वें स्थान पर है। उन्होंने युवाओं से नवाचार में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एमबीए विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अशोक शुक्ल ने कहा कि शोध और नवाचार से खेती अब लाभकारी सिद्ध होने लगी है। युवा भी इससे जुड़ रहे हैं। समय लगेगा, लेकिन कृषि उद्यमिता निरंतर आगे बढ़ेगी। एमबीए के विभागाध्यक्ष प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. शैलेंद्र वर्मा, डाॅ. जयशंकर पांडेय समेत बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र उपस्थित रहे।