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Ayodhya News: प्रदेश के 18 मंडलों में प्रशिक्षित की जाएंगी महिला जनप्रतिनिधि

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अयोध्या। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बताया कि महिला जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से उत्तर प्रदेश के 18 मंडलों में प्रशिक्षित किया जाएगा। उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित होंगी। इसके माध्यम से महिला ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद और सभासदों का कौशल व क्षमता का विकास किया जाएगा।
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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष मंगलवार को अवध विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में बोल रही थीं। उन्होंने बताया कि ''''शी इज ए चेंज मेकर'''' अभियान के तहत पूरे देश में इस तरह के प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से की गई है। कौशल से कुशलता को ध्यान में रखकर आयोजित कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधि महिलाएं नए कौशल सीखने के लिए उत्साहित नजर आईं। इस कार्यशाला में 400 से अधिक महिला जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की महिलाओं को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से यह ताकत दी है कि अब वह भी बड़ी संख्या में सांसद और विधायक बनकर सदन में पहुंच सकती हैं। इस प्रशिक्षण में जो सीखें, उसकी मदद से अपने गांव के चेहरे को संवारे। वे अपने क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें, जिससे विकास का लाभ आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपने के अनुरूप उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी भी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं की निर्वाचित महिला जन प्रतिनिधि और अधिक सशक्त बनें। वे पंचायती राज संस्थाओं को बेहतर रूप से समझें। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला जनप्रतिनिधियों को पंचायती राज संस्थाओं, लोकतांत्रिक परंपराओं व संवैधानिक आदर्शों को समझने का अवसर मिलेगा। अपने अधिकारों व दायित्वों को समझ कर महिला जनप्रतिनिधि नवभारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। आप निर्वाचित होकर आई हैं, सक्षम हैं, अपने आधिकारिक कार्यों को स्वयं ही करना चाहिए न कि संबंधियों पर आश्रित रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिलाएं अपना घर चलाने के साथ जनप्रतिनिधि का दायित्व निभा रही हैं। बच्चों को संस्कार देने के साथ परिवार को भी साथ लेकर चलती हैं। आप परिवार का आधार स्तंभ हैं। आज महिलाओं पर देश को गुमान है। अब पल्लू में मुंह छिपाने का वक्त चला गया है। महिलाएं हर क्षेत्र में कमाल कर रही हैं। जनप्रतिनिधि का दायित्व निभाने के लिए कौशल भी चाहिए। जनकल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा की सभी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए। जनहित के जो भी काम करवाएं, उन्हें सोशल मीडिया पर भी साझा करें।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि आयोग के अधिकारी हर जिले में महिला जनप्रतिनिधियों का व्हाटसएप ग्रुप बनवाएं। महिला जनप्रतिनिधि अपने गांव या क्षेत्र में जो भी बदलाव लाएं या कोई उपलब्धि हासिल करें तो उसे इस पर सक्सेज स्टोरी के रूप में तस्वीरों के साथ साझा करें। यदि कहीं पर कोई अड़चन आ रही है तो उसका भी विवरण दें। आयोग आपका मददगार बनने का प्रयास करेगा।

अवध विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रतिभा गोयल ने कहा कि भारत में सशक्त स्थानीय निकाय का स्वर्णिम अतीत रहा है। पहले सभा समितियां होती थीं। हर कालखंड में स्थानीय निकाय का महत्व रहा है। पंचायती राज में स्थानीय निकाय आज भी सक्षम और सशक्त हैं। इनमें महिलाओं को बेहतर प्रतिनिधित्व दिया गया है। महिला कोई भी निर्णय कर सकती हैं। उनमें प्रखर बुद्धि होती है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 68 फीसदी तक छात्राएं उपाधि और मेडल हासिल करती हैं। इससे स्पष्ट है कि वो किसी मायने में कमजोर नहीं हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव व चारु चौधरी, राष्ट्रीय महिला आयोग की सचिव डॉ. शिवानी डे, अधिकारी राम अवतार सिंह, डॉ. सर्वेश पांडेय, सुबोध दीक्षित समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और प्रमुख सचिव एल वेंकटेश्वर लू को भी आना था लेकिन वह नहीं पहुंच सके।
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