अयोध्या। रामनगरी के आसमान पर महिला ड्रोन पायलटों ने अपनी काबिलियत का प्रदर्शन करते हुए कामयाबी की ऊंची उड़ान भरनी शुरू कर दी है। प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनकी ओर से जिले के तीन ब्लॉकों के गांवों में सेवाएं देनी शुरू कर दी गई हैं। खेती में अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में ये किसानों की मददगार बन रही हैं।
जिले में पहली महिला ड्रोन पायलट के सूची में छह नाम शामिल हैं। इनमें मवई की शबीना खातून व शीला यादव, रुदौली की नैंसी चौहान व गायत्री और सोहावल की संजू यादव व पूनम पांडेय हैं। ये सभी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी रही हैं। इसके बाद इनका चयन ड्रोन दीदी परियोजना के लिए हुआ। चयन के बाद इन्हें प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। बिहार के मोतिहारी, पूसा और प्रयागराज के नैनी में ड्रोन एविएशन की ट्रेनिंग में शामिल हुईं। इस दौरान इन सभी को दो चरणों में ड्रोन का संचालन करने की तकनीकी जानकारी दी गई। इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब इन सभी ड्रोन पायलटों ने यहां पर अपना काम शुरू कर दिया है। मुख्य रूप से इनकी ओर से किसानों के खेतों में कीटनाशक का ड्रोन की मदद से छिड़काव किया जा रहा है। ड्रोन पायलट शबीना ने बताया कि उन्होंने मवई और रुदौली ब्लॉक के कई गांवों में ड्रोन की मदद से गन्ने के खेतों में कीटनाशक का छिड़काव किया है। इसके साथ ही सब्जी के खेतों में नैनो यूरिया का छिड़काव कर रही हैं। इसके लिए किसानों से एक बीघा खेत के लिए सिर्फ 200 रुपये का भुगतान लिया जा रहा है। ऐसे में किसानों के श्रम, समय और धन तीनों की बचत हो रही है। एक बीघा खेत में ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव सिर्फ सात मिनट में हो जाता है। ड्रोन पायलट पूनम पांडेय ने बताया कि यदि नियमित काम मिले तो एक पायलट 30,000 रुपये महीने तक की कमाई कर सकती हैं।