अयोध्या/पूराबाजार। सरयू नदी का जलस्तर भले ही धीरे-धीरे घट रहा है, मगर बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को सरयू का जलस्तर लाल निशान से 35 सेमी ऊपर दर्ज किया गया है। पानी की रफ्तार कम हुई है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा बरकरार है। सदर, रुदौली व सोहावल तहसील के गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 93़ 08 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल निशान 92़ 73 मीटर से 35 सेमी ऊपर है। सरयू का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है। सदर तहसील के पूराबाजार के उरदाहवा, मुडाडिहा, पिपरी संग्राम, सलेमपुर और पूरे चेतन गांव में अब भी घरों में पानी भरा है। पिपरी संग्राम के संतोषी, राम प्रकाश, गोली, मंगरू और जगदीश निषाद ने बताया कि अब तक सरकार की ओर से किसी भी तरह की सहायता नहीं पहुंची है।
वहीं, बाढ़ राहत केंद्र राजा दशरथ समाधि स्थल पर मौजूद लेखपाल चंचल पांडेय ने कहा कि स्वयंसेवक टीम घर-घर पैकेट में भोजन पहुंचा रही है, ताकि किसी को भूखा न रहना पड़े। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी कैंप कर रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को समय पर दवा मिल सके। प्रशासन की टीम 24 घंटे बाढ़ की निगरानी कर रही है। राजस्व और सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए चौकसी बढ़ा दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी उतरने के बाद फसलें सड़ने लगेंगी। इससे मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो जाएगा। सदर तहसील के 10 से अधिक गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल पानी में डूब गई है। स्थानीय लोगों की चिंता अब बाढ़ से ज्यादा कटान को लेकर है। लोगों का कहना है कि पशुओं के समक्ष हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है। राहत सामग्री जो मिल रही है वह पर्याप्त नहीं है। पिपरी संग्राम के किसान जगदंबा ने कहा कि पानी तो उतर जाएगा, पर जो फसल बर्बाद हो गई, उसे कौन लौटाएगा। बाढ़ में गाढ़ी कमाई भी बह गई।