बीकापुर/रुदौली/तारुन/मिल्कीपुर। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने सख्त रुख अपनाया। बीकापुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जन्म प्रमाणपत्र समय से जारी न करने पर ग्राम सचिव संदीप वर्मा का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए, जबकि राजस्व निरीक्षक प्रेम प्रकाश से स्पष्टीकरण तलब किया गया। जिले की पांचों तहसीलों में 733 शिकायतें आईं, इनमें से 70 का मौके पर निस्तारण हो सका।
केस एक
सरकारी जमीन पर कब्जे और पंचायत में गड़बड़ी के आरोप
बीकापुर के भरहू खाता चौरे बाजार निवासी राम रूप और राम लहन ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या 117 की ग्राम समाज की भूमि का बैनामा वर्ष 2018 में प्रधान के रिश्तेदारों के नाम कराया गया। पूर्व में बेदखली और एफआईआर के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। कटारी ग्राम पंचायत में भी विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की गई। जिलाधिकारी ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एक दो
आंधी में मकान गिरने से परिवार बेघर
बनकट बेदी का पुरवा निवासी विनय ने शिकायत में बताया कि पांच अक्तूबर को आंधी के दौरान भारी पेड़ उनके खपरैल के मकान पर गिर गया। इससे गृहस्थी का सामान नष्ट हुआ और परिवार के कुछ सदस्य घायल हो गए। मकान गिरने के कारण परिवार दूसरे के घर में रहने को मजबूर है। डीएम ने एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए।
केस तीन
ग्राम समाज की भूमि को कब्जे से मुक्त कराने की मांग
सोहावल में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने जनसुनवाई की। यहां मोइया कपूरपुर के अशोक सिंह ने पशुचर समेत करीब 300 बीघा ग्राम समाज की भूमि को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की। वहीं, मिल्कीपुर में चकमार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत लेकर पहुंचीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। रुदौली के मवई में आबदाना होटल के निर्माण को लेकर नवीन परती की सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप लगाया। एसडीएम विनोद गुप्ता ने जांच कराने की बात कही।