कुमारगंज। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह को भारत सरकार की ओर से एनसीसी के कर्नल कमांडेंट का प्रतिष्ठित रैंक प्रदान किए जाने पर पीपिंग समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में कुलपति के पिता रिटायर्ड सैन्य अधिकारी परमहंस सिंह व पत्नी मीना सिंह भी मौजूद रहीं। इस दौरान एनसीसी ग्रुप हेड क्वार्टर, प्रयागराज के कमांडर ब्रिगेडियर यूएस कंदील ने कुलपति को कर्नल का रैंक लगाया।
पीपिंग समारोह में ब्रिगेडियर यूएस कंदील ने कहा कि कर्नल कमांडेंट का पद प्रतिष्ठित व वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जाने वाला सम्मान है। इससे विश्वविद्यालय और एनसीसी के बीच संबंध मजबूत होंगे। साथ ही विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस पद से जुड़ने के बाद कुलपति के दिशा-निर्देशन में एनसीसी की विभिन्न गतिविधियों में तेजी के साथ बदलाव आएगा।
कर्नल डाॅ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि यह पद हमारा ही नहीं पूरे विश्वविद्यालय की टीम भावना का प्रतीक है। हर छोटे और बड़े कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है कि विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी है। कुलपति ने कहा कि उनके पिता सेना में थे और उन्हीं से अनुशासित जीवन जीना सीखा है। यह पल विश्वविद्यालय परिवार को गौरवान्वित करने वाला है। विश्वविद्यालय में एनसीसी की स्थापना की गई है। वर्तमान समय में फुल कंपनी एनसीसी का प्रशिक्षण ले रहीं है।
65वीं यूपी बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी कर्नल एमके सिंह ने कहा कि कुलपति को कर्नल का रैंक मिलना उनकी कड़ी मेहनत और परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कुलपति के प्रत्येक कार्यक्षेत्र में फौज का अनुशासन नजर आता है। उन्होंने अपेक्षा की कि कुलपति एनसीसी के कार्यों में बढ़-चढ़ कर सहयोग करें और भारत के भविष्य को मजबूत करें। एनसीसी कैडेटों ने कर्नल डाॅ. बिजेंद्र सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इससे पहले कुलपति के सचिव डाॅ. जसवंत सिंह ने कुलपति के जीवन परिचय से सभी अतिथियों को अवगत कराया।
सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न व बुके देकर सम्मानित किया गया। यह पीपिंग समारोह एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डाॅ. नवीन सिंह के संयोजन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. सुप्रिया व डीएसडब्ल्यू डाॅ. डी.नियोगी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशक, वन यूपी गर्ल्स के कमान अधिकारी, बटालियन के सभी सैन्य अधिकारी, एनसीसी कैडेट, एएनओ, शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।