अयोध्या। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान अब दो लाख 61 हजार 892 संदिग्ध डुप्लीकेट मतदाताओं का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए जिले के सभी 11 ब्लॉकों में खंड विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस काम की जिम्मेदारी भी बीएलओ को ही सौंपी गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत निखिल टीकराम फुंडे को जिले के संदिग्घ मतदाताओं की सूची भेजी गई है। मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान इनका भी सत्यापन करवाने की अपेक्षा की गई है। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर सभी बीएलओ को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत अब बीएलओ गणना तालिका के साथ संभावित डुप्लीकेट मतदाताओंं की सूची भी लेकर जाएंगे।
संदिग्ध मतदाताओं को लेकर आयोग को आशंका है कि इनका नाम एक से अधिक जगहों की मतदाता सूची में शामिल है। वृहद पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ इसकी भी जांच करेंगे। यदि कोई मतदाता डुप्लीकेट की श्रेणी में होगा तो सूची में उसके नाम के आगे हां लिखा जाएगा और यदि ऐसा नहीं है तो उसके नाम के आगे आधार कार्ड के आखिरी चार नंबर अंकित किए जाएंगे।
सहायक निर्वाचन अधिकारी सूर्यभान यादव ने बताया कि संदिग्ध मतदाताओं की सूची का बीएलओ की ओर से सत्यापन कराया जा रहा है। संदिग्ध मतदाता की जांच करने के बाद सहायक निर्वाचक अधिकारी की ओर से अपमार्जन किया जाएगा। सभी खंड विकास अधिकारी इसकी निगरानी और नियमित समीक्षा करेंगे। इस बीच पुनरीक्षण कार्य और संदिग्ध मतदाताओं के सत्यापन कार्य की तहसीलवार समीक्षा उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिरूद्ध प्रताप सिंह की ओर से भी शुरू कर दी गई है।