अयोध्या। मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए जिले में बूथों की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। एक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता न हों, इस मानक के आधार पर मतदेय स्थलों की जांच होगी। वहीं, 300 से कम मतदाताओं वाले बूथों की भी समीक्षा की जाएगी। विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन मतदेय स्थलों के भवन ठीक हैं और जहां पहुंचने के लिए मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ती, उनमें बिना जरूरत बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य मतदान केंद्रों की व्यवस्था बेहतर बनाना और मतदाताओं को परेशानी से बचाना है।
26 अक्तूबर तक तय होगी बूथों की सूची : मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन 16 से 18 अक्तूबर तक किया जाएगा। 19 को प्रारूप सूची जारी कर राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। उनके सुझावों पर बैठक के बाद 26 तक सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। 27 को प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को भेजा जाएगा।
12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दर्ज होंगे दावे-आपत्तियां : विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत एकीकृत मतदाता सूची का प्रारूप 12 नवंबर को प्रकाशित होगा। इसके बाद मतदाता 11 दिसंबर तक सूची में नाम जुड़वाने, विवरण में संशोधन कराने और अन्य आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद चार जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
जिले में 2193 मतदेय स्थल : जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2193 मतदेय स्थल हैं। इनमें रुदौली में 413, मिल्कीपुर में 443, बीकापुर में 443, अयोध्या में 419 और गोसाईंगंज में 475 मतदेय स्थल हैं।