अयोध्या। रामनगरी में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ रोकने के लिए पुलिस ने बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन अभियान तेज किया है। अब तक होटल, होम स्टे के अलावा फेरी वालों, ठेले-खोमचे वालों, व्हीलचेयर संचालकों और किरायेदारों समेत लगभग 2200 लोगों का सत्यापन किया जा चुका है।
रामनगरी लंबे समय से अराजकतत्वों के निशाने पर रही है। कई बार आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। राम मंदिर बनने के बाद से समय-समय पर आतंकी संगठन अयोध्या धाम के अमन-चैन में खलल डालने की मंशा से धमकी भरे संदेश भेजते रहते हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए हैं। फिर भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इसे लेकर अलर्ट हैं।
इसी मंशा से पिछले साल से ही यहां रहने वाले हर बाहरी व्यक्ति के सत्यापन में कोतवाली अयोध्या और रामजन्मभूमि थाने की छह टीम लगाई गई है। सभी पुलिस चौकियों पर इसे लेकर विशेष रजिस्टर बने हैं। इसमें स्ट्रीट वेंडर, ठेले-खोमचे वालों, व्हीलचेयर संचालक, फोटोग्राफर आदि के विवरण दर्ज किए जा रहे हैं। इसमें उनके रहने के स्थान, उनके आपराधिक इतिहास, पूर्व के निवास स्थान पर रहने के उनके विवरण आदि की जानकारी दर्ज की जा रही है।
सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि टीमों ने अब तक लगभग 1200 होम स्टे, 450 होटलों समेत लगभग 2200 लोगों का सत्यापन कर लिया है। किरायेदारों के सत्यापन के दौरान उनके मकान मालिकों का सत्यापन भी किया जा रहा है। चौकियों पर बने रजिस्टर में दोनों की फोटो चस्पा की जा रही है। बगैर पुलिस सत्यापन के किरायेदार न रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। सभी होटल संचालकों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के ठहरने पर उसकी सूचना देने का निर्देश दिया गया है। सत्यापन का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।