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यूपी: राम मंदिर के 150 में से 148 निर्माण कार्य पूरे, 15 नवंबर तक परकोटे और फसाड लाइटिंग का लक्ष्य

Fri, 16 Oct 2026 07:36 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला, अयोध्या

सार

अयोध्या में राम मंदिर परिसर के 150 में से 148 निर्माण कार्य पूरे कर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिए गए हैं। परकोटे का निर्माण और मंदिर की बाहरी रोशनी का काम 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। बारिश के कारण परकोटे की छत पर जलरोधक उपचार का काम प्रभावित हुआ है।
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निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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राम मंदिर परिसर में निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। परिसर में कुल 150 निर्माण कार्यों में से 148 पूरे हो चुके हैं। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने आवश्यक अभिलेखों के साथ इन कार्यों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया है।

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अब मंदिर के बाहरी घेरे यानी परकोटे का निर्माण प्रमुख कार्य के रूप में शेष है। शुक्रवार को मंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परकोटे का निर्माण और मंदिर व परकोटे की फसाड लाइटिंग 15 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि बारिश के कारण परकोटे की छत पर वॉटर ट्रीटमेंट का काम प्रभावित हुआ है। इसके अधूरा रहने के कारण परकोटे का हस्तांतरण नहीं हो पाया है। मौसम अनुकूल होने पर काम में तेजी लाई जाएगी। परकोटे का निर्माण पूरा होने के बाद इसे भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।
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उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान मंदिर की भव्यता और स्थापत्य की खूबसूरती के अनुरूप रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर और परकोटे की फसाड लाइटिंग का काम 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। लाइटिंग के जरिए मंदिर की नक्काशी और वास्तुशिल्प को रात में भी आकर्षक रूप में प्रदर्शित करने की तैयारी है।

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कार्यों की गति का आकलन किया जाएगा

निर्माण समिति की बैठक में ठेकेदारों के भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों की समीक्षा भी की जा रही है। एलएंडटी से जुड़े भुगतान संबंधी मामलों को पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर परिसर के बाहर निर्माणाधीन ऑडिटोरियम और म्यूजियम की प्रगति पर भी चर्चा होगी। इन दोनों परियोजनाओं के निर्माण की स्थिति और कार्यों की गति का आकलन किया जाएगा।

नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि विजय स्तंभ और शहीद स्मारक का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, इन स्मारकों के परिसर में उद्यान और हॉर्टिकल्चर से संबंधित कुछ कार्य अभी बाकी हैं। वहीं, मध्वाचार्य द्वार का निर्माण करीब 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। निर्माण समिति निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का आकलन करेगी। साथ ही निर्माण में आ रही कठिनाइयों की जानकारी लेकर उन्हें दूर करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एलएंडटी संबंधित ड्राइंग, डिजाइन, अभिलेख और वित्तीय प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर ट्रस्ट को सौंपती है। इसके बाद ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर कार्यों का निरीक्षण करते हैं। जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही ट्रस्ट निर्माण कार्यों का हस्तांतरण स्वीकार करता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, दस्तावेजों और वित्तीय विवरणों का सत्यापन सुनिश्चित करना है।

 


 
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परकोटे के हस्तांतरण से पहले पूरी होगी तकनीकी प्रक्रिया

राम मंदिर परिसर में परकोटे का निर्माण पूरा होने के बाद भी इसे तत्काल ट्रस्ट को नहीं सौंपा जाएगा। इसके लिए निर्माण एजेंसी एलएंडटी को तकनीकी और वित्तीय दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें ड्राइंग, डिजाइन, निर्माण संबंधी अभिलेख और वित्तीय विवरण शामिल हैं।

इसके बाद ट्रस्ट के परियोजना इंजीनियर मौके पर निर्माण कार्यों की जांच करेंगे। निरीक्षण में आवश्यक मानकों और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही हस्तांतरण स्वीकार किया जाएगा। फिलहाल परकोटे की छत पर वॉटर ट्रीटमेंट का काम अधूरा है, जो बारिश के कारण प्रभावित हुआ है। इसे पूरा करने के लिए 15 नवंबर तक का लक्ष्य रखा गया है।
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