अयोध्या। कचहरी परिसर के तीन प्रवेश मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जबकि, दो अन्य गेट पर लगे कैमरे की फुटेज पुलिस के हाथ नहीं लगी है। वहीं, पिछले 24 घंटे में कचहरी परिसर में सक्रिय रहे सभी संदिग्ध मोबाइल नंबरों को खंगालने के लिए पास के बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशन) से रिकॉर्ड मांगा गया है।
शनिवार को कचहरी के शेड नंबर पांच में तख्त के नीचे लावारिस बैग मिला था। उसमें दो तमंचे, कारतूस, पेचकस, छेनी आदि बरामद हुए थे। जिला जज रणंजय कुमार वर्मा, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने परिसर का भ्रमण कर सभी प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की। पुलिस और एसओजी की टीम मामले के खुलासे के लिए लगाई गई।
इन टीमों ने कमिश्नर आवास के बगल के गेट नंबर पांच और उससे आगे बढ़ने पर स्थित एक बूथ पर लगे कैमरे खंगाले। एक अन्य टीम ने नजारत कार्यालय को आने वाले गेट और आईजी कार्यालय के सामने वाले तीसरे गेट के कैमरों की फुटेज खंगाली। जबकि, गेट नंबर तीन और चार के कैमरे अक्रियाशील होने से उनकी फुटेज नहीं मिल सकी। इसके बाद टीम ने बार एसोसिएशन के भवन में लगे कैमरों की फुटेज देखी।
इसमें शेड नंबर पांच की तरफ लगे एक कैमरे में कुछ हद तक फुटेज देखी गई, लेकिन तीन अन्य कैमरे यहां भी बंद मिले। इन वजहों से पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। सर्विलांस टीम ने शुक्रवार से लेकर शनिवार की सुबह तक कचहरी परिसर में सक्रिय रहने वाले सभी मोबाइल नंबरों की डिटेल लेने की कवायद शुरू की है। रविवार को विशेषज्ञों की टीम ने यह प्रक्रिया शुरू की है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि किस स्तर पर निगरानी में लापरवाही हुई है, इसकी जांच की जा रही है। दोषी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, सभी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है। अब तक संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है। बार एसोसिएशन से जांच में सहयोग लिया जा रहा है।