अयोध्या। रामनगरी में महाशिवरात्रि के पर्व की तैयारियां तेज हो चली हैं। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की भव्य बरात भी निकाली जाएगी। शिवालयों को सजाने-संवारने का काम तेजी से चल रहा है। आठ मार्च को महाशिवरात्रि जिले भर में धूमधाम से मनाई जाएगी। सिद्धपीठ नागेश्वरनाथ मंदिर में शिव बरात की भी तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को भोलेबाबा की हल्दी रस्म निभाई गई।
रामनगरी में भगवान राम व शिव की अभिन्नता प्रतिपादित है। इसकी पुष्टि यहां के दर्जनों प्राचीन शिवमंदिरों से होती है। यहां शिवभक्ति का उल्लास कम नहीं होता है। मौका शिवरात्रि को हो तो आस्था का रंग और चटख हो जाता है। इस बार रामलला की नव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के चलते उल्लास कई गुना अधिक बढ़ गया है। नागेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी आनंद द्विवेदी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर लाखों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
बताया कि भव्य शिव बरात की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार बरात में 10 किलो अबीर-गुलाल उड़ाया जाएगा। हर बार पांच किलो अबीर-गुलाल का प्रयोग होता था। बरात महाशिवरात्रि के दिन शाम सात बजे नागेश्वरनाथ मंदिर से गाजे-बाजे, भगवान के स्वरूपों के साथ भव्यता पूर्वक निकाली जाएगी। बरात का क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर अभिनंदन होगा। यहां से बरात टेढ़ीबाजार, कटरा, अशर्फी भवन, सब्जी मंडी होते हुए वापस नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचेगी। जहां विवाह की रस्म निभाई जाएगी। बुधवार को भोलेबाबा को हल्दी अर्पित की गई, साथ ही अन्य रस्म निभाई गई।
इन शिवमंदिरों में उमड़ते हैं भक्त
रामनगरी में कई पौराणिक शिवमंदिर स्थित हैं। ग्रंथ रुद्रयामल में वर्णित है कि नागेश्वरनाथ की स्थापना भगवान राम के पुत्र कुश ने की थी। वहीं क्षीरेश्वरनाथ मंदिर भी शिवोपासना का प्रमुख केंद्र है। यहां महाशिवरात्रि पर भव्य झांकी सजाई जाएगी। इस शिवालय की स्थापना महाराज दशरथ ने की थी। इसी तरह रामकोट स्थित कोटेश्वर महादेव, राजसदन स्थित दर्शनेश्वर महादेव, दशरथ महल स्थित रामप्रसादेश्वर महादेव, राम की पैड़ी परिसर स्थित चंद्रहरि महादेव, गुप्तारघाट स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में शिवरात्रि की तैयारियां चल रही हैं।