बीकापुर/खजुरहट। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से शुरू हुई महा त्रिशूल सनातन यात्रा का मंगलवार को अयोध्या की सीमा चौरे बाजार में भव्य स्वागत किया गया। 60 फुट लंबे और 11 फुट चौड़े और 700 किलो वजनी स्टील धातु से निर्मित त्रिशूल ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस त्रिशूल को छिंदवाड़ा के झिरलिंगा गांव के कारीगर सुशील विश्वकर्मा ने बनाया है, जिसे बनाने में लगभग एक साल का समय लगा है।
यात्रा सोमवार देर शाम सुल्तानपुर से होते हुए चौरे बाजार पहुंची, जहां यात्रा के संयोजक दिग्विजय सिंह, मनीष सिंह और श्रीराम सेना के विनोद सिंह ने यात्रा का स्वागत किया। पौराणिक स्थल खंडेश्वरी सागर तट पर विश्राम के बाद मंगलवार सुबह यात्रा आगे बढ़ी। खजुरहट में श्रद्धालुओं ने जेसीबी से पुष्प वर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। यहां विघ्नेश्वर धाम के संरक्षक रामचंद्र श्रीवास्तव, कुश श्रीवास्तव, धनंजय सिंह, मनोज सिंह, राजीव सिंह, पवन चौरसिया आदि ने यात्रा का स्वागत किया। शेरपुर पारा बाजार में भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, ब्लॉक प्रमुख दिनेश वर्मा, दिग्विजय सिंह और बीकापुर में चंद्र प्रकाश सोनी, राजेंद्र पांडेय, राकेश तिवारी ने भी यात्रा का स्वागत किया। आजाद नगर मोहल्ला और तेंदुआ माफी में डॉ. राकेश कुमार गुप्ता, विशाल मौर्य, बबलू श्रीवास्तव आदि ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान भारी संख्या में मौजूद महिलाओं ने त्रिशूल की आरती उतारी।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंस्पेक्टर अमरेंद्र बहादुर सिंह पूरी मुस्तैदी से डटे रहे। संयोजक अमित जोगी ने बताया कि छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश से प्रारंभ हुई यह यात्रा भरतकुंड और अयोध्या होते हुए शाहगंज पहुंचेगी। मंगलवार देर शाम विघ्नेश्वर धाम में यात्रा का समापन होगा, जहां वैदिक कर्मकांड के अनुसार मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के साथ त्रिशूल स्थापित कराया जाएगा।
अयोध्या में भी स्वागत
अयोध्या। यात्रा के नाका क्षेत्र में पहुंचने पर क्षत्रिय समाज सहित श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। पुष्पवर्षा के बीच जय भोले के जयघोष गूंजते रहे। यात्रा के संयोजक ऋषि राज सिंह ने बताया कि रास्ते भर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने त्रिशूल की पूजा-अर्चना कर यात्रा का स्वागत किया।