अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी वीरान रहने वाली अयोध्या में अब त्रेताकालीन वैभव लौट रहा है। यहां के बदलते स्वरूप पर हर कोई गर्व व्यक्त कर रहा है। श्रीराम की यह प्राचीन नगरी आज देश-दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। इसे देश की पहली सोलर सिटी बनने का भी सौभाग्य मिला है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मियावाकी पद्धति से वन विकास जैसे प्रयास इस नई अयोध्या को और समृद्ध कर रहे हैं।
सीएम योगी बुधवार को रामपुर हलवारा में सरयू नदी के तट पर सिटी फॉरेस्ट की सौगात देते हुए किष्किंधा वन में त्रिवेणी वाटिका की स्थापना कर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 2.0 के तहत बरगद, नीम और पीपल के पौधे रोपित करने के बाद सोलर सिटी के पास दशरथ पथ पर जनसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अब सरयू के किनारे नई अयोध्या बसने जा रही है। यहां पर लगाए जा रहे रामायणकालीन पौधे इसकी आभा को और बढ़ाएंगे। देश-दुनिया के लोगों के बीच अयोध्या में सरयू किनारे बसने की होड़ मची हुई है। अयोध्या में चौड़ी सड़कें और सुंदर घाट हैं। पहले राम की पैड़ी पर सरयू का जल बदबू करता था। आज यह जल एक ओर से प्रवेश कर दूसरी ओर निकल जाता है।
सीएम ने कहा कि पौधरोपण अभियान ने न सिर्फ पर्यावरण को लाभ पहुंचाया है बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है। कार्बन क्रेडिट फाइनेंसिंग के माध्यम से किसानों को पांच साल तक पेड़ाें का सरंक्षण करने पर प्रति पेड़ छह डॉलर तक दिए जा रहे हैं। पिछले साल 25 हजार से अधिक किसानों को यह लाभ मिल चुका है। इस साल सात मंडलों के किसानों को 42 लाख रुपये कार्बन क्रेडिट के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान ने उत्तर प्रदेश को हरित भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हीं की प्रेरणा से पिछले आठ सालों में उत्तर प्रदेश में धरती मां के प्रति उत्तरदायित्व के निर्वहन के लिए अभियान को आगे बढ़ाया गया है। पीएम के चूल्हा हटाकर गैस सिलेंडर, हैलोजन के स्थान पर एलईडी लाइट्स और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध जैसे कदम धरती माता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण रहे। पिछले साल पीएम मोदी की ओर से श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस साल अयोध्या में पौधरोपण अभियान का शुभारंभ विशेष महत्व रखता है।
सीएम ने पौधरोपण महाभियान में सभी जनप्रतिनिधियों और प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि सभी इससे जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। सभी जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में जाकर अभियान का नेतृत्व करें। सभी को खासतौर पर युवा पीढ़ी को बताएं कि हमारे देश में प्राचीन काल से पेड़ों की पूजा होती रही है। कई पेड़ों में तो देवी-देवताओं का वास माना गया है। यह पौधरोपण महाभियान अयोध्या को विश्व पटल पर और गौरव प्रदान करेगा।
पौधरोपण और जनसभा में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, वन व पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायक वेद प्रकाश गुप्त, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, डॉ. अमित सिंह चौहान, चंद्रभानु पासवान, एमएलसी हरिओम पांडेय, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास, प्रमुख सचिव पर्यावरण व वन अनिल कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, भाजपा नेता व अफसर मौजूद रहे।
इस दौरान मुख्यमंत्री के निर्देश पर वन मंत्री और कृषि मंत्री ने उन ग्राम प्रधानों और किसानों को सम्मानित किया, जिन्होंने पौधरोपण और उनकी देखभाल में योगदान दिया है। इनमें ग्राम प्रधान अनीता यादव, शीला देवी, किसान ममता पाल, सूर्य कुमार, रमन सिंह शामिल रहे। इसके अलावा तिलोदकी गंगा नदी के पुनरोद्धार में योगदान देने वालों को भी सम्मानित किया गया। इनमें ग्राम प्रधान शैलजा पांडेय, शांति देवी और राकेश कुमार शामिल रहे। इसी कड़ी में छात्रा आराध्या वर्मा, वर्निका और छात्र तेजस्वी वर्मा को पौधे देकर सम्मानित किया गया।