अयोध्या। जिला न्यायालय के बाद शहर के दो स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। चार नवंबर को अलग-अलग ईमेल आईडी से अयोध्या धाम स्थित परमा एकेडमी और भीखापुर स्थित अमर पब्लिक स्कूल को धमकी भरे संदेश भेजे गए। स्कूल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस की सर्विलांस और साइबर सेल की टीमें ईमेल भेजने वाले का पता लगाने में जुटी हैं।
जिला न्यायालय की अधिकृत ईमेल आईडी पर चार नवंबर को दोपहर 12:25 बजे स्लेटर जॉन्सन नामक ईमेल आईडी से धमकी भरा संदेश मिला था। पुलिस इसकी जांच कर ही रही थी कि दोनों स्कूलों को भी इसी तरह के संदेश भेजे जाने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी।
अमर पब्लिक स्कूल को बोधी फोम्सी नामक ईमेल आईडी से संदेश भेजा गया है। इसमें आठ नवंबर को दोपहर 1:11 बजे बम विस्फोट की धमकी दी गई है। संदेश में अन्य बातें न्यायालय को भेजे गए ईमेल जैसी ही हैं। परमा एकेडमी को भेजे गए संदेश में भी इसी तरह की धमकी दी गई है। इससे तीनों ईमेल के एक ही स्रोत से भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है। स्कूल प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी है।
ईमेल की जांच के लिए साइबर सेल की अलग-अलग टीमें गठित
स्कूलों और न्यायालय को भेजे गए ईमेल की जांच के लिए साइबर सेल की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पुलिस का प्रारंभिक मानना है कि ईमेल भ्रामक हो सकते हैं और अफवाह फैलाने के उद्देश्य से भेजे गए हैं। हालांकि, एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है। ईमेल से संबंधित आईपी एड्रेस की जानकारी मांगी गई है। इसके आधार पर संदेशों के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
कचहरी में रहा अलर्ट, डेरा जमाए रहे अधिकारी
सीजेएम के पत्र के बाद न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बुधवार से ही कचहरी में अलर्ट रहा। एलआईयू की टीम सुबह से ही बम स्क्वॉयड और श्वान दल के साथ परिसर के कोने-कोने में जांच करती रही। सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया। अधिवक्ताओं और वादकारियों को तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया गया। परिसर के बाहर भी पुलिस की अलग-अलग टीमें निगरानी करती रहीं।
सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी और नगर कोतवाल मनोज शर्मा समेत अन्य पुलिस अधिकारी काफी देर तक कचहरी परिसर में मौजूद रहे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। वहीं, स्कूलों के आसपास भी पुलिस टीमें निगरानी करती रहीं। सीओ सिटी ने बताया कि ईमेल भेजने के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग टीमें जांच में जुटी हैं।