अयोध्या। चंद्रग्रहण के सूतक काल के चलते मंगलवार सुबह 9:00 बजे से श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सूतक अवधि में नियमित पूजा-अर्चना और आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर विराम रहेगा। ग्रहण का मोक्ष होने के बाद रात 8:30 बजे से दर्शन शुरू होगा जो रात्रि 11 बजे तक जारी रहेगा।
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के अनुसार मंगलवार को राम जन्मभूमि मंदिर में ग्रहण काल के दौरान धार्मिक परंपराओं का विशेष पालन किया जाएगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्रग्रहण के सूतक में मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और विग्रह को विशेष आवरण से आच्छादित किया जाता है। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र ने बताया ग्रहण के चलते मंगलवार की सुबह नौ बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। इससे पहले श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। सुबह साढ़े चार बजे व साढ़े छह बजे होने वाली मंगला व श्रंगार आरती अपने समय पर होगी। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर में शुद्धिकरण अनुष्ठान संपन्न होगा। रात्रि 8:30 बजे संध्या आरती होगी और दर्शन शुरू कर दिया जाएगा। भीड़ का दबाव अधिक होने की संभावना से मंदिर रात 11 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है।
हनुमानगढ़ी समेत अन्य मंदिरों के भी पट रहेंगे बंद
सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी सहित कनक भवन, नागेश्वरनाथ, दशरथ महल, लक्ष्मण किला, श्रीराम वल्लभाकुंज, मणिरामदास की छावनी सहित अयोध्या धाम के सभी आठ हजार मंदिरों के कपाट सूतक के चलते सुबह नौ बजे तक बंद हो जाएंगे। हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी रमेश दास ने बताया कि हनुमानगढ़ी में भी मंदिर के पट सुबह नौ बजे बंद कर दिए जाएंगे। मंगलवार को हनुमानगढ़ी में आम दिनों की अपेक्षा भीड़ का दबाव अधिक रहता है, इसलिए मंदिर सुबह चार बजे ही खोल दिया जाएगा। दर्शन रात 11 बजे तक चलता रहेगा।