अयोध्या। बुधवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। बीते 24 घंटों में रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड में इजाफा हुआ है। ठंडी हवाओं और बादलों की आवाजाही ने लोगों को सिहरने पर मजबूर किया। शहर में बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक दिन भर मौसम का मिजाज बदलता रहा। अल सुबह कई इलाकों में तेज तो कुछ जगहों पर बूंदा-बांदी हुई। सुबह 10 बजे के आस-पास धूप निकल गई, कुछ देर बाद फिर कुछ इलाकों में बारिश हुई। दिन भर आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रही। अचानक हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। शहर के सरस्वती पुरम कालोनी में सीवर लाइन का काम चल रहा है। मलबा व मिट्टी के चलते बारिश के बाद इस रास्ते पर चलना दूभर हो गया। इसी तरह देवकाली मार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति दिखी। देवकाली बाईपास से थोड़ा पहले सीवर का काम चल रहा है, यहां भी बारिश से फिसलन व कीचड़ जैसी स्थिति बन गई।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में कुछ इलाकों में बारिश व बूंदाबांदी का अंदेशा जताया है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि अगले 24 घंटे में हल्की बारिश हो सकती है। ओले भी पड़ सकते हैं। बुधवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसमें 3.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रही। जबकि न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
इनसेट
श्रद्धालुओं ने भीगते हुए किए रामलला के दर्शन
रामनगरी में बारिश के बीच करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। प्रयागराज के प्रवाह से रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बनी हुई है। सुबह बारिश के समय कई श्रद्धालु भीगते हुए दर्शन करने के लिए जाते रहे। वहीं सरयू में डुबकी लगाने वालों का भी तांता लगा रहा। बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव व कीचड़ के बीच से होकर श्रद्धालुओं को गुजरना पड़ा।
गेहूं की फसल को होगा फायदा
मिल्कीपुर के मौसम के बदलने से ठंड पुनः बढ़ गई है। ओले पड़ने की आशंका से किसान चिंतित है। सुबह से हो रही हल्की बरसात से जहां रबी की मुख्य फसल गेंहू को फायदा पहुंचा है वहीं तैयार आलू,व तिलहनी फसलों के नुकसान होने का अनुमान है। किसान बरसात से कम परंतु इस मौसम में ओले पढ़ने की आशंका से चिंतित है।
दलहन व तिलहनी फसलों को नुकसान
सोहावल के तहसील क्षेत्र के कई गांव में तेज हवा और बारिश होने के कारण दलहन व तिलहनी की फसलों पर भारी नुकसान हुआ। गौहनियां निवासी किसान जयप्रकाश चौहान ने बताया कि सरसों के पेड़ में फूल निकल आया है। हवा और पानी के कारण भारी नुकसान हुआ है। लीलापुर किसान राजेंद्र वर्मा की चना और आलू की फसलों पर पानी गिरने से फसल खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि पानी की मात्रा ज्यादा हो जाने से चने के पौधों में फल आने की संभावना कम हो जाती है। आलू के खेत में पानी भर जाने से पौधों में सूखने का डर बना रहता है।
45-वजीरगंज में बारिश के बाद हुए जलभराव के बीच से होकर गुजरते वाहन।-संवाद