अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक बृहस्पतिवार को सरयू तट स्थित रामकथा संग्रहालय में नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञ इंजीनियरों ने संग्रहालय की गैलरियों, सुरक्षा प्रणाली और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। तीन सप्ताह के भीतर सभी गैलरियों की तकनीकी रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, आईआईटी के विशेषज्ञों ने राम वन गमन गैलरी, मंदिर स्थापत्य और शिल्प संपदा, रामजन्मभूमि अमिट धरोहर, आस्था के प्रपत्र, पुरावशेषों की गैलरी से लेकर डिजिटल इंटरैक्टिव डिस्प्ले तक हर हिस्से के लिए थ्री-डी, फाइव-डी, सेवन-डी, सेंसर लाइटिंग और क्लाइमेट-रेस्पॉन्सिव डिजाइन पर चर्चा की। उद्देश्य है कि श्रद्धालु जब मंदिर परिसर में प्रवेश करें, तो उन्हें भक्ति के साथ ज्ञान और अनुभव का अद्भुत संगम महसूस हो। इन गैलरियों में उपयोग होने वाली तकनीक पूरी तरह ऊर्जा-संरक्षण और दीर्घकालिक रखरखाव को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है।
आईआईटी चेन्नई के प्रेजेंटेशन को नृपेंद्र मिश्र ने सराहा और जल्द ही फाइनल डिजाइन देने को कहा। तीन सप्ताह के भीतर फाइनल डिजाइन बन जाने की उम्मीद है। अब आईआईटी चेन्नई संग्रहालय की सभी 20 गैलरियों में तकनीकि काम कर रही है। संग्रहालय के निदेशक डॉ़ सजीव सिंह पहले ही सभी गैलरी की पटकथा लिख चुके हैं। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित विभिन्न संस्थाओं के इंजीनियर व अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में शामिल हुए सीसीआरटी के निदेशक
सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) के निदेशक डॉ़ विनोद इदूलकर विशेष अतिथि के रूप में पहली बार बैठक में शामिल रहे। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने उन्हें सलाहकार समिति में शामिल किया है। इदूलकर गैलरी की तकनीक आदि में अपनी सलाह देंगे। आईआईटी चेन्नई के इंजीनियरों ने उनके समक्ष संग्रहालय से जुड़ी योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया।