अयोध्या/रुदौली। शहर से लेकर गांव तक रामलीला मंचन की धूम है। राजेंद्र निवास की रामलीला में राम की पैड़ी परिसर में श्रीरामकथा के विभिन्न प्रसंगों का मंचन हुआ। भगवान श्रीराम के जन्म के प्रसंग ने भक्तों को विभोर कर दिया। नैमिषारण्य के 25 कलाकारों की टीम रामलीला का मंचन कर रही है। वहीं भगवदाचार्य स्मारक सदन में पिछले आठ अक्तूबर से ही रामलीला का मंचन हो रहा है।
बुधवार को राम वन गमन की लीला का मंचन हुआ। राम माता सीता व लक्ष्मण के साथ वन को निकले तो पूरी अयोध्या शोक में डूब गई। समिति के महामंत्री संजय दास ने भगवान के स्वरूपों की आरती उतारी। श्री रामलीला समिति ख्वाजाहाल रुदौली की ओर से आयोजित 137वें रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन नगर दर्शन एवं फुलवारी लीला का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रथम मिलन का मनोहारी दृश्य देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
झुनझुनी बाजे की धुन और भक्तिमय वातावरण ने आयोजन को आकर्षक बना दिया। मंचन में श्रीराम की भूमिका अक्षत मिश्रा, लक्ष्मण की अक्षांश मिश्रा और माता सीता की भूमिका श्रेयांस मिश्रा ने निभाई। समिति के निर्देशक कमलेश मिश्रा, आशीष शर्मा, शिव प्रकाश कसौंधन और शैलेंद्र शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
ऐतिहासिक रामलीला का मुकुट पूजन के साथ शुभारंभ
गोसाईगंज। गोसाईगंज नगर के ऐतिहासिक रामलीला का शुभारंभ विधि-विधान के साथ मुकुट पूजन के साथ हुआ। पंडित अतुल कुमार शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुकुट पूजन संपन्न कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रवीण कुमार उपाध्याय उपस्थित रहे। मुकुट पूजन के उपरांत बजरंग समिति की ओर से श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ किया गया। कार्यक्रम में रामलीला समिति के अध्यक्ष संजय, कोषाध्यक्ष गोपीनाथ, अनिल कुमार, बल्लू, त्रिलोकी मोदनवाल, महेश कसौधन, अरविंद कुमार, श्रीप्रकाश जायसवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
हैदरगंज में रामलीला के 68वें वार्षिकोत्सव का शुभारंभ
हैदरगंज। सत्संग नगर में बुधवार को श्रीरामलीला के 68वें वार्षिकोत्सव का शुभारंभ हुआ। शाम पांच बजे राम वन गमन और गंगा पार प्रसंग का मंचन किया गया। स्वर्गीय तेज प्रताप सिंह की ओर से स्थापित रामलीला का आयोजन 14 से 22 अक्तूबर तक होगा। समिति के अनुसार, आगामी दिनों में राम-भरत मिलाप, सीता हरण, शबरी उद्धार, लंका दहन और रावण वध सहित रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। 22 अक्तूबर को प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन और राज्याभिषेक के साथ महोत्सव का समापन होगा।