अयोध्या। इस बार दीपोत्सव कई मायनों में खास होने जा रहा है। सात नवंबर को मुख्य आयोजन में 30 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। वहीं, सरयू के घाटों से लेकर राम की पैड़ी और मठ-मंदिरों तक भव्य साज-सज्जा आकर्षण का केंद्र बनेगी।
राम की पैड़ी पर दर्शक दीर्घा बनाने का काम तेजी से चल रहा है। वहीं, पैड़ी परिसर में पहली बार दीपोत्सव का इतिहास बताने वाला शिलापट भी स्थापित किया गया है। यह शिलापट श्रद्धालुओं को दीपोत्सव की परंपरा और उससे जुड़ी धार्मिक गाथा से परिचित कराएगा।
शिलापट पर प्रभु श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद दीपावली के अवसर पर अयोध्या लौटने की ऐतिहासिक और धार्मिक गाथा उकेरी गई है। इसके ठीक बगल में दीप जलाने की महत्ता भी बताई गई है। इसके अलावा सरयू के घाटों पर रामकथा आधारित करीब 34 शिलापट लगाए गए हैं। इनमें रामायण के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया गया है। प्रत्येक शिलापट पर रामकथा से संबंधित चौपाई, उससे जुड़ा प्रसंग और उसका अर्थ अंकित है। साथ ही प्रसंगों से संबंधित चित्र भी बनाए गए हैं।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि दीपोत्सव स्थल को सजाने-संवारने का काम तेजी से चल रहा है। राम की पैड़ी परिसर में दर्शक दीर्घा का निर्माण भी अंतिम चरण में है। इसमें 25 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा चौधरी चरण सिंह घाट के सुंदरीकरण का काम भी तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साज-सज्जा के लिए कई संस्थाओं ने प्रस्तुतिकरण दिया है। जल्द ही थीम तय कर काम शुरू करा दिया जाएगा।