अयोध्या। अयोध्या की पावन धरा पर विराजमान रामलला की भोर, अब केवल आस्था का क्षण नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना का प्रतीक बन चुकी है। प्रतिदिन सुबह ठीक 6:30 बजे जब मंदिर में शृंगार आरती की दिव्य छटा बिखरती है, उस अलौकिक दृश्य के साक्षी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बनते हैं। रामलला की यह शृंगार आरती दूरदर्शन पर लाइव प्रसारित की जाती है, जिसे प्रधानमंत्री नियमित रूप से देखते हैं।
राम मंदिर में रामलला की पहली आरती सुबह 4:30 बजे होती है। इसे मंगला आरती कहा जाता है। इसके बाद ठीक 6:30 बजे शृंगार आरती होती है, इस आरती के बाद राम मंदिर दर्शन के लिए खोल दिया जाता है।
दोपहर में 12 बजे भोग आरती, शाम सात बजे संध्या आरती और रात 9:30 बजे शयन आरती होती है। मंदिर में रात नौ बजे तक श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलता है। रामलला की शृंगार आरती का रोजाना दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण किया जाता है। आरती के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी आरती की क्लिप का प्रसारण किया जाता है। दूरदर्शन पर रोजाना 10 हजार से अधिक रामभक्त रामलला की आरती के साक्षी बनते हैं।
ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी अपने दिन की शुरुआत रामलला की आरती देखने के साथ करते हैं। सूत्रों ने बताया कि यदि कभी आरती का समय आगे-पीछे करना होता है तो अयोध्या दूरदर्शन की टीम दिल्ली दूरदर्शन को इसकी सूचना देती है। वहां से अनुमति मिलने के बाद समय में परिवर्तन किया जाता है।
आरती के लाइव प्रसारण के लिए दूरदर्शन की ओर से राम मंदिर में स्थायी सेटअप की भी स्थापना की गई है। प्रधानमंत्री का इस आरती से भावनात्मक जुड़ाव राम मंदिर को लेकर उनकी संवेदनशीलता और निरंतर सहभागिता को दर्शाता है।