अयोध्या। गांवों तक आधार सेवाएं पहुंचाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने अगस्त माह में विशेष शिविर की शुरुआत की। अभियान के पहले दिन यानी एक अगस्त को आधार में संशोधन व नया बनवाने वालों की संख्या 96 थी, लेकिन तीन व चार अगस्त को प्राथमिक विद्यालय, रायपुर में 50 का आंकड़ा भी नहीं पहुंच सका। जिन स्थानों पर कैंप लगा, वहां कम से कम 50 लोगों की आधार संबंधी समस्याओं का समाधान जरूरी था।
डाक विभाग ने तीन और चार अगस्त तक प्राथमिक विद्यालय रायपुर में शिविर की सूचना दी थी, लेकिन विद्यालय में चेहल्लुम की छुट्टी के चलते शिविर मंगलवार को पंचायत भवन रायपुर में लगाया गया। दोनों स्थानों के बीच करीब लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी होने से कई ग्रामीण विद्यालय से लौट गए। शिविर स्थल बदलने की कोई सार्वजनिक सूचना नहीं दी गई थी। तीन को 14 और चार को तीन लोगों के आधार संबंधी कार्य हुए। यह संख्या विभाग के तय न्यूनतम लक्ष्य 50 से काफी कम रही। जबकि क्षेत्र में आधार कार्ड में नाम, पता, मोबाइल नंबर और जन्मतिथि संशोधन के अलावा बच्चों के नए आधार बनवाने की जरूरत वाले लोगों की संख्या कहीं अधिक बताई जा रही है। कई ऐसे परिवार भी लौट गए, जिनके बच्चों का नया आधार बनना था, लेकिन जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने के कारण आवेदन पूरा नहीं हो सका।
इनसेट
अब 29 तक अयोध्या मंडल के अकबरपुर में लगेगा आधार शिविर
तिथि (अगस्त) स्थान
08 कप्तान सिंह मेमोरियल स्कूल, खेमापुर, अकबरपुर
10 से 18 ग्राम सचिवालय, महरुवागोला, अकबरपुर
19 से 25 ग्राम सचिवालय, कटेहरी, अकबरपुर
27 से 29 प्राथमिक विद्यालय, मिजौहरा, अकबरपुर
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आधार कार्ड के विशेष शिविर में भी नहीं बन सका मनीषा का आधार, दो उपभोक्ताओं ने दिया धन्यवाद
अयोध्या। डाक विभाग की पहल पर गांव में आधार कार्ड का विशेष शिविर आयोजित किया गया। मंगलवार को पंचायत भवन कोटसराय में लगे शिविर में आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लोग पहुंचे। पहले यह शिविर प्राथमिक विद्यालय रायपुर में प्रस्तावित था, लेकिन अवकाश के कारण वहां आयोजित नहीं हो सका। इसके बाद पंचायत भवन कोटसराय में शिविर लगाया गया।
गोरखपुर की स्थायी निवासी वर्तमान में कोटसराय में रह रही मीना कुमारी ने बताया कि कई बार प्रधान डाकघर के चक्कर लगाने के बाद मंगलवार को लगे शिविर में भी उनकी 17 वर्षीय बेटी मनीषा कुमारी का आधार कार्ड नहीं बन सका। मंगलवार को दोपहर 1:35 बजे शिविर पहुंचने पर आधार कर्मी ने जन्म प्रमाण पत्र लाने के बाद आधार बनाने की बात कही। वहीं, छात्रा महिमा मौर्या ने बताया कि वह आधार संशोधन कराने आई थीं। गांव में ही सुविधा मिलने से उन्हें शहर नहीं जाना पड़ा और कम समय में प्रक्रिया पूरी हो गई। कोटसराय मांझा निवासी रीना ने अपनी एक वर्षीय पुत्री मुस्कान का नया आधार बनवाया। उन्होंने बताया कि आवेदन निशुल्क हुआ और गांव में शिविर लगने से किराये का खर्च भी बच गया। इसके लिए उन्होंने विभाग को धन्यवाद दिया।
पंचायत भवन में लगे आधार शिविर में मंगलवार को आधार से संबंधित समस्या के लिए पहुंचे लोग।
पंचायत भवन में लगे आधार शिविर में मंगलवार को आधार से संबंधित समस्या के लिए पहुंचे लोग।