अयोध्या। कैंट क्षेत्र के मुमताज नगर निवासी महंगू चौरसिया (65) अपनी मौत से पहले चाकू खुद ही खरीदकर लाए थे। पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई है। इससे अब हत्या का रहस्य गहराता जा रहा है। सारा दारोमदार चाकू पर मिले फ्रिंगर प्रिंट की रिपोर्ट पर टिका है।
मुमताज नगर निवासी महंगू खेती-किसानी के साथ राजगीर का काम करते थे। वह तंत्र-मंत्र में भी दिलचस्पी रखते थे। सात सितंबर की दोपहर 03:30 बजे उनका रक्तरंजित शव दराबगंज निवासी बेचन लाल चौरसिया के गन्ने के खेत में मिला था। उनके गले पर रेतने के निशान थे और उनके हाथ के नीचे चाकू दबा था। मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस की चार टीमें काम कर रही हैं। छानबीन के दौरान पता चला कि घटना से पहले महंगू चौरसिया गांव के बाहर एक हार्डवेयर की दुकान से चाकू लाए थे। यह चाकू दुकानदार ने गुदड़ी बाजार स्थित एक लोहे की दुकान से खरीदा था। सूत्रों के अनुसार चाकू लेते समय वह जल्दी में थे। दुकानदार ने चाकू का दाम 15 रुपये बताए तो उन्होंने बाद में देने की बात कही और तेजी से चले आए।
घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में वह लगभग 01:30 बजे तेजी से खेत की तरफ जाते दिखे हैं। उसके पहले व बाद में कोई उधर से गुजरता नहीं दिखा है। ऐसे में अब वृद्ध की मौत की गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझती जा रही है। हालांकि, अभी पुलिस ने उम्मीद नहीं छोड़ी है और शीघ्र ही मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि घटनास्थल से चाकू बरामद हुआ था। उस पर मिले फ्रिंगर प्रिंट का नमूना लिया गया है। उसकी रिपोर्ट से सारी तस्वीर साफ हो जाएगी।