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Ayodhya News: दो महीने से रची जा रही थी हत्या की साजिश, चार गिरफ्तार

Sun, 05 Oct 2025 10:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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64-पुलिस की गिरफ्त में हत्या के प्रयास के आरोपी। पुलिस
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अयोध्या। कोतवाली अयोध्या के रामघाट निवासी अधिवक्ता आलोक सिंह की हत्या की साजिश पिछले दो माह से रची जा रही थी। इसे लेकर पूर्व में कई बार आरोपियों की बैठक हुई थी। तीन बार हमले की कोशिश भी की गई थी। रविवार को पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करके घटना का खुलासा किया है।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर रात दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान आलोक सिंह पर एक व्यक्ति ने गोली चलाई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके भाई बृजेश कुमार सिंह की तहरीर पर लवकुश नगर निवासी मोहित पांडेय, उसके भाई धर्मवीर पांडेय और धीरज पांडेय व रामघाट हाल्ट निवासी सूरज निषाद समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और सर्विलांस टीम लगाई गई थी।
विवेचना के दौरान हैबतपुर निवासी अताउल्लाह शाह का नाम भी प्रकाश में आया था। आरोपी धर्मवीर, सूरज और अत्ताउल्लाह शाह को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी मोहित पांडेय का मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर में पहले से इलाज चल रहा था, जहां से गिरफ्तार करके उसका भी चालान किया गया है। घटना में प्रयुक्त अवैध असलहा, कारतूस बरामद किया गया है।
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मारपीट के बाद से ही बढ़ गई थी रंजिश
सूत्रों के अनुसार लगभग ढाई महीने पहले आलोक सिंह से एक आरोपी की मारपीट हुई थी। तभी से उनमें रंजिश बढ़ गई थी और मोहित ने आलोक की हत्या की योजना बनाना शुरू किया। साजिश रचने में रामघाट हाल्ट निवासी सूरज निषाद भी शामिल था। आरोपी मोहित पांडेय, उसके भाई धर्मवीर और धीरज के साथ हुई हर बैठकों में वह शामिल होता था।
40 हजार में खरीदी थी पिस्टल
सूत्रों के अनुसार लगभग दो माह पहले सूरज ने हैबतपुर निवासी अताउल्ला शाह से 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीदवाई थी। इसके बाद अयोध्या धाम के ही श्रवण से दो हजार रुपये में छह कारतूस खरीदी गई थी। जबकि, शहर के ही एक अन्य व्यक्ति से तमंचा लिया गया था। चारों लोगों ने पहले भी तीन बार आलोक पर हमला करने की योजना बनाई, लेकिन सही जगह और सटीक टाइमिंग न होने के कारण योजना फेल हो गई। बृहस्पतिवार को हत्या का प्रयास किया तो सौभाग्य से गोली पीठ में लगने से उनकी जान बच गई।
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