अयोध्या। देवकाली स्थित होमस्टे में युवक-युवती की मौत के बाद जांच में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस के अनुसार मृतकों के परिजनों को उनके प्रेम संबंध की बखूबी जानकारी थी। लंबे समय से चल रहे इस प्रकरण की वजह से ही युवक लगभग हर माह युवती से मिलने आता था। हालांकि, घटना के पीछे की वजह अब तक रहस्य बनी है।
रविवार की शाम देवकाली बाईपास स्थित गौरी शंकर पैलेस में देवरिया के रामचंद्र शुक्ला नगर, भुजौली कॉलोनी निवासी आयुष कुमार गुप्ता और बाराबंकी के दरियाबाद के गाजीपुर निवासी अरोमा रावत का शव मिला था। दोनों की मौत गोली लगने से हुई थी। सोमवार की भोर में पोस्टमार्टम के बाद दोनों के परिजन शव लेकर अपने-अपने घर चले गए। अभी तक किसी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है, लेकिन पुलिस ने कई पहलुओं पर जांच की है।
सूत्रों के अनुसार कुछ माह पहले युवती के भाई ने उसके मोबाइल फोन में युवक की चैट देखी थी। वहीं, युवती ने मां से भी आयुष के बारे में जानकारी साझा की थी। पूछताछ में इसकी पुष्टि हुई है। वहीं, युवक के भाई रजत ने पुलिस को दोनों की आपस में लंबी बातचीत होने की जानकारी दी है। ऐसे में साफ है कि परिजन प्रेम प्रसंग के मामले से भलीभांति वाकिफ थे।
मीडिया को दिए बयान में युवती के पिता व बाराबंकी के बसपा जिलाध्यक्ष केके रावत ने युवती को अगवा करके हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए इन दावों को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार युवती होमस्टे के बाहर युवक से सामान्य तौर से मिली और दोनों साथ ही अंदर आए थे। इसमें जोर-जबरदस्ती जैसा कुछ नजर नहीं आया। कमरे से बाहर दोनों लगभग डेढ़ बजे फोन से बात करते दिखे हैं। यह कॉल दोनों ने अपने परिजनों से की थी। यदि ऐसी कोई बात थी, तब भी युवती परिजन को सूचित कर सकती थी। दोनों सामान्य तौर से बालकनी में टहलते दिखे हैं। फिर भी परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की छानबीन की जाएगी।
-मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार तीन दिन पहले युवती की किसी से फोन पर अनबन होने की जानकारी मिली है। हालांकि, वह कॉल किसकी थी, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा से भी मामले की जानकारी ली है।
पुलिस को अब तक युवक-युवती की चैट से संबंधित जानकारी नहीं मिल सकी है। दोनों ने फोन पर लॉक लगाने के बाद व्हाट्सअप और दोनों की चैटिंग पर भी प्राइवेसी लगा रखी है। इसे खोलने के लिए विशेषज्ञ की राय ली जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों की चैट से भी अहम जानकारियां मिल सकती हैं।
सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि अभी दोनों की कॉल डिटेल नहीं देखी गई है। परिजनों ने अब तक तहरीर नहीं दी है। अपने स्तर से मामले की छानबीन की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर किसी तरह की जोर-जबरदस्ती या अपहरण जैसी बात सामने नहीं आई है। यह फुटेज परिजनों को भी दिखाया गया है।