अयोध्या। लखनऊ-गोरखपुर हाईवे किनारे रामनगरी अयोध्या में 1407 एकड़ में नव्य अयोध्या (ग्रीन फील्ड टाउनशिप) विकसित की जा रही है। पहले चरण में 450 एकड़ क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसी क्रम में सड़क निर्माण के लिए 25.57 करोड़ मिल गए हैं। टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। नव्य अयोध्या में पांच तरह की सड़कें बनेंगी। मुख्य प्रवेश मार्ग 45 मीटर चौड़ा होगा। छह माह में सड़कों के निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नव्य अयोध्या में बनने वाली सड़कों की डिजाइन आईआईटी रुड़की ने फाइनल की है। आवास विकास परिषद की अयोध्या इकाई के अधीक्षण अभियंता प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि नव्य अयोध्या में नौ, 12, 18, 24 व 45 मीटर की सड़कें बननी हैं। मुख्य प्रवेश मार्ग 45 मीटर चौड़ा होगा, जबकि आंतरिक मार्गाें की चौड़ाई अलग-अलग होगी। बिजली उपकेंद्र की स्थापना भी की जा रही है।
पहले चरण में व्यवसायिक, होटल और मठ-मंदिर धर्मशाला आदि के लिए आरक्षित क्षेत्र समेत 450 एकड़ क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं की स्थापना कराई जानी है। जिसके तहत विभाग ने क्षेत्र में शिविर कार्यालय का निर्माण कराया है। अब सड़क निर्माण भी एक सप्ताह में शुरू कर दिया जाएगा। योजना को वाल्मीकि रामायण की थीम पर आधुनिकता के समावेश के साथ आकार दिया जाना है। इसके लिए तीन गांवों मांझा शाहनेजवापुर, मांझा बरहटा व मांझा तिहुरा की जमीन अधिग्रहित की गई है।
आवंटित किए गए प्लॉटों पर भी जल्द शुरू होगा काम
नव्य अयोध्या में जो मठ व राज्य भवन के लिए प्लॉट आवंटित किए गए हैं। उस क्षेत्र को भी विकसित करने का काम जल्द शुरू होने वाला है। प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि यहां की सड़कें 24 मीटर चौड़ी होंगी। बताया कि अब तक महाराष्ट्र, उत्तराखंड व गुजरात राज्य ने राज्य भवनों के निर्माण के लिए प्लॉट खरीदे हैं। जबकि दस से अधिक धार्मिक संस्थाओं ने मठ-आश्रम व धर्मशाला निर्माण के लिए जमीन क्रय की है। दो महीने में नव्य अयोध्या में हर दिशा में तेजी से काम होते नजर आएंगे।