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Ayodhya News: तीन माह से मंद पड़ी अर्थव्यवस्था सावन में बम-बम

Wed, 30 Jul 2025 10:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। सावन के पावन महीने में श्रद्धा की बयार ने न सिर्फ रामनगरी की गलियों को महकाया है, बल्कि करीब तीन महीने से मंद पड़े छोटे व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई जिंदगी दी है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हो रहे भव्य दर्शन और झूलन उत्सव के चलते अयोध्या श्रद्धालुओं से गुलजार है और इसी के साथ रामनगरी का कारोबार भी पटरी पर लौट आया है।
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रामलला के दर्शन के लिए हर दिन उमड़ रही लाखों की भीड़ ने स्थानीय व्यापार को संजीवनी दी है। मंदिर के चारों ओर सजी दुकानों में अब रौनक लौट आई है। कहीं रामलला की मूर्तियों की बिक्री तेज है, तो कहीं तुलसी की माला, चंदन, कलाईधागा, रामनाम के पट्टे और चित्रों की मांग आसमान छू रही है। शहर के प्रमुख होटल, धर्मशालाएं, लॉज और भोजनालय श्रद्धालुओं से ठसाठस भरे हुए हैं। ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से लेकर सड़क किनारे के चाय ठेले तक, हर किसी के चेहरे पर संतोष की मुस्कान है।
अयोध्या के घाटों और मंदिर मार्गों पर लगे चाय के खोमचे, जलपान केंद्र, पूजा सामग्री की दुकानें, बुक स्टॉल और मिठाई की दुकानें अब फूली नहीं समा रही हैं। कहीं रामचरित मानस की बिक्री बढ़ी है, तो कहीं ‘जय श्रीराम’ लिखे टी-शर्ट और दुपट्टों की मांग ज्यादा है। श्रद्धालु बढ़े हैं तो आवश्यकता के अनुसार होटल, धर्मशालाएं, ऑटो चालक, गाइड, फूलवाले, लाइट-डेकोरेशन कर्मी, सफाईकर्मी, सभी के लिए नए रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। रामनगरी की आत्मा को जैसे फिर से ऊर्जा मिल गई है।
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व्यापारी विकास गुप्ता ने कहा कि हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की भीड़ इस समय दो गुना बढ़ी है। इस समय रोजाना दुकान में भीड़ लग रही है। सावन मेले से पहले रोजाना दो से तीन हजार की कमाई होती थी, इस समय कमाई पांच हजार से ऊपर की हो गई है। दुकानदार नवमी लाल ने बताया कि भोले बाबा की कृपा रामनगरी के कारोबार पर भी बरस रही है। पिछले एक सप्ताह से कारोबार पटरी पर लौटा है। पिछले तीन माह से कारोबार मंदा हो गया था, अब नए सिरे से रफ्तार मिली है। श्रद्धालु धार्मिक वस्तुओं की खूब खरीददारी कर रहे हैं।
मूर्ति विक्रेता बहादुर का कहना है कि रामलला की आराधना करने वाले श्रद्धालु अपनी भक्ति को स्मृति के रूप में घर ले जाना चाहते हैं। इसके चलते मिट्टी, संगमरमर और धातु की मूर्तियों की मांग चार गुना तक बढ़ गई है। रामलला, हनुमानगढ़ी व कनक भवन की मूर्ति व चित्र खूब बिक रहे हैं।

यूपी-उत्तराखंड इकोनॉमिक एसोसिएशन महासचिव प्रो़ विनोद श्रीवास्तव के अनुसार सावन मेले से एक बार फिर धार्मिक पर्यटन को नई ऊर्जा मिली है। पिछले तीन महीने से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में एक फीसदी की गिरावट आई थी। अब अर्थव्यवस्था सुधरी रही है। एक सर्वे के आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि सावन माह में 50 करोड़ से अधिक का कारोबार होने की संभावना है। छोटे व्यापारियों से लेकर खुदरा विक्रेताओं तक सभी को लाभ पहुंच रहा है।
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