अयोध्या। विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर शुक्रवार को संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर सर्किट हाउस से कलेक्ट्रेट गेट तक मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस में विभाजन पीड़ित परिवारों के सदस्यों के साथ भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व सांसद उपेंद्र रावत ने कहा कि विभाजन की विभीषिका को याद करना महज अतीत को दोहराना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास की उस त्रासदी से सीख लेने का अवसर देना है। कार्यक्रम का संचालन विश्व प्रकाश रूपन ने किया।
विधान परिषद सदस्य पद्मसेन चौधरी ने कहा कि विभाजन का दर्द केवल सीमाओं के बंटवारे तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका गहरा प्रभाव करोड़ों लोगों के जीवन पर पड़ा। संगोष्ठी में विभाजन पीड़ित परिवारों के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश टेकचंदानी, देव कुमार क्षेत्रपाल, गिरधारी चावला, नरेंद्र क्षेत्रपाल, संतोष सेहता, सुनील रमानी, अजीत मेघानी, राकेश तनरेजा, हरीश मध्यान, परमानंद मिश्र मौजूद रहे।
मंच पर बैठने को लेकर आपस में भिड़े भाजपाई
कार्यक्रम में भाजपाई आपस में मंच पर बैठने को लेकर भिड़ गए। संगोष्ठी के दौरान भाजपा के कार्यकर्ता और नेता एक-दूसरे से उलझते दिखे। उन्होंने मंच पर बैठने की जगह बनाने को लेकर धक्का-मुक्की करते भी दिखाई दिए।