अयोध्या। बिजली विभाग की ओर से फरवरी में चले अनुरक्षण माह में शायद काम कम, ढकोसला ज्यादा हुआ। नतीजतन, तेज हवा चलने पर स्पार्किंग के मामलों में इजाफा हुआ है। इसका खामियाजा किसानों का भुगतना पड़ रहा है, जिनकी फसलें जलकर नष्ट हो रही हैं।
गर्मी में तेज हवा के चलने से जर्जर तार एक-दूसरे से चिपकते हैं, जिससे स्पार्किंग होती है। तारों के पास से गुजरी पेड़ों की टहनियां, जर्जर इंसुलेटर, टूटे तार, जर्जर पोल आदि से भी समस्या बढ़ती है। वहीं, गर्मी में ओवरलोड से कमजोर लाइनें गर्म होकर टूट जाती हैं। इनसे बिजली तो गुल होती ही है। इनसे निकली चिंगारियों से आगजनी के मामले भी बढ़ते हैं।
अभियान के तहत सभी लाइनें चेक कराने, ढीले व टूटे तार, इंसुलेटर आदि बदलवाने, टहनियों की कटाई-छंटाई कराने समेत अन्य कार्यों का दावा किया गया, लेकिन गर्मी आते ही तेज हवा चलने पर इन दावों की पोल खुलने लगी है। स्पार्किंग व शाॅर्ट सर्किट समेत अन्य वजहों से खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। मिनटों में ही किसानों की पकी फसल जलकर राख हो रही है।
बिजली की वजह से हुईं कुछ घटनाओं पर एक नजर
पूराकलंदर थाना क्षेत्र के करमा में एक अप्रैल को हाईटेंशन लाइन में शाॅर्ट सर्किट के बाद तार से चिंगारी गिरी। इससे लगभग आठ बीघा फसल राख हो गई। पांच अप्रैल को चौरे बाजार में 33केवी लाइन में हुए शाॅर्ट सर्किट से सात बीघा व पूरा बाजार के ताहिरपुर बरौली में रामगोपाल वर्मा का तीन बीघा फसल जल गई। सात अप्रैल को मवई के भैसौली में किसानों की 40 बीघा, आठ अप्रैल को पूराबाजार के रोशननगर में तीन बीघा, 16 अप्रैल को अमानीगंज के कोटिया में तार गिरने से लगी आग में पांच बीघा, मिल्कीपुर के बहबरमऊ में शाॅर्ट सर्किट से 29 बीघा फसल जलकर राख हो गई।
अनुरक्षण माह के तहत विभिन्न कार्य करवाए गए थे। बिजली के पोलों के बीच में कहीं-कहीं अधिक दूरी होने के कारण तार आपस में टकराते हैं, जिससे स्पार्किंग होती है। इस समस्या से निजात के लिए योजना के तहत कार्य कराया जा रहा है।
-इं. हरीश बंसल, मुख्य अभियंता, बिजली निगम, अयोध्या