मया बाजार। गुजरात के गांधीनगर में गैस रिसाव की घटना में जान गंवाने वाले पौसरा गांव के दो श्रमिक अमर गौड़ और शिवनाथ दुबे के शव 48 घंटे बाद शनिवार को गांव पहुंचे। शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बता दें कि बृहस्पतिवार को गांधीनगर स्थित मफतलाल इंडस्ट्रीज में केमिकल युक्त पानी के टैंकर की सफाई के दौरान गैस रिसाव हो गया था। हादसे में अमर गौड़ और शिवनाथ दुबे की मौत हो गई थी। परिजनों को शव मिलने के लिए करीब 40 घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। शनिवार को एंबुलेंस से दोनों शव गांव पहुंचे।
शव पहुंचते ही गांव में करुण क्रंदन गूंज उठा। परिजनों के साथ ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध नजर आया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के दो होनहार युवकों की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
परिजनों ने बताया कि दोनों श्रमिक केमिकल वाले पानी के टैंकर की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से हादसा हो गया।
शव गांव पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। पौसरा घाट पर दोनों शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी।