51- मंदिर परिसर की जांच करते सीओ रुदौली आशीष निगम - संवाद
पटरंगा। मवई थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सिपहिया कोटवा स्थित कल्याणी नदी के तट पर बने प्राचीन हनुमान मंदिर की भूमि के लिए पुजारी और ग्रामीणों के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने मंदिर परिसर को चारों ओर से घेर लिया। स्थिति बिगड़ने की आशंका पर चार थानों की पुलिस और सीओ रुदौली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रण में किया।
बता दें कि मंदिर परिसर के चारों ओर फैली बंजर भूमि पर स्वामित्व का दावा दोनों पक्षों की ओर से किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी आचार्य अमरेश कुमार पांडे, बहराइच के रहने वाले हैं। वह पिछले चार वर्षों से मंदिर की पूजा-अर्चना और देखरेख कर रहे हैं। मंदिर परिसर में उन्होंने एक छोटा सा गुरुकुल आश्रम भी स्थापित किया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर के आसपास की बंजर भूमि गांव की सरकारी जमीन है। इसमें यूकेलिप्टस और आम के पेड़ लगे हैं। उनका कहना है कि जब भी कोई ग्रामीण या मवेशी पानी पीने अथवा मंदिर परिसर में चला जाता है तो पुजारी उनसे अभद्र व्यवहार करते हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुजारी ने एक ट्रॉली यूकेलिप्टस के पेड़ कटवाकर बेच दिए हैं। इसी को लेकर बीते छह महीनों से पुजारी और ग्रामीणों के बीच विवाद चल रहा है। अब ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुजारी को मंदिर से हटाने की मांग की है और शासन-प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
दूसरी ओर, पुजारी अमरेश ने इस आरोपों से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि गांव के अनिल कुमार शुक्ला, संतोष कुमार मिश्रा और अखिलेश यादव राजनीतिक लाभ के लिए मेरे खिलाफ माहौल बना रहे हैं। यह भूमि मंदिर की है, न कि किसी व्यक्ति या गांव की संपत्ति।
विवाद को बढ़ता देख पुलिस ने मंदिर परिसर में फोर्स तैनात कर दी है। सीओ रुदौली आशीष निगम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुजारी को मंदिर खाली करने के लिए कहा गया है ताकि स्थिति सामान्य रखी जा सके।