26- बावन मंदिर में आयोजित हिंदू सम्मेलन मौजूद राम मंदिर के ट्रस्टी व अन्य- संवाद
अयोध्या। भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का आधार हिंदू समाज की संगठित शक्ति में निहित है। उन्होंने कहा कि जब-जब समाज एकजुट हुआ है, तब-तब राष्ट्र ने नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त की है। वर्तमान समय में सामाजिक समरसता, संस्कार और स्वाभिमान को सुदृढ़ करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह बातें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने रामनगरी की प्राचीन पीठ बावन मंदिर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में कहीं।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना है। अपने संस्कार, संस्कृति को निरंतर समृद्ध करना ही हमारा ध्येय होना चाहिए। संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित हिंदू सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के भेद से ऊपर उठकर हिंदू समाज को एक परिवार की भावना से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विभाजन की प्रवृत्तियां समाज को कमजोर करती हैं, जबकि एकता से ही धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा संभव है। युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। संघ के प्रचारक गंगा सिंह ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एकजुटता से काम करना होगा।
इस अवसर पर महंत रामशरण दास रामायणी, महंत राजीव लोचन शरण, महंत संंजीव दास, महंत हरिमोहन शरण, महंत महावीर शरण, महानगर प्रचारक सुदीप, रवि दास, भाजपा नेता अभिषेक मिश्र, अवधेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।