जैन मंदिर में पूजन करते जैन आचार्य व मौजूद जैन श्रद्धालु
अयोध्या। जैन मंदिर में सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान ऋषभदेव के महा मस्तकाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर घंटियों की मधुर ध्वनि और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। इस अवसर पर नेपाल में हुई त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मशांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल देने की कामना की। गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता ने कहा कि विश्व शांति की नींव करुणा, सहिष्णुता और सत्य पर टिकी है। जब मनुष्य अपने भीतर के अहंकार और क्रोध का त्याग करेगा, तभी धरती पर अमन-चैन स्थायी होगा। जैन मंदिर के पीठाधीश स्वामी रवींद्रकीर्ति ने कहा कि विपत्ति की घड़ी में मानवता सबसे बड़ा धर्म है।