अयोध्या। रामनगरी अब विवाहोत्सव के रंग में रंगने लगी है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और माता सीता के पावन मिलन की बेला नजदीक है। राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह के पावन दिन 25 नवंबर को अयोध्या के प्रमुख मंदिरों से भव्य रामबरात निकलेगी, जो नगर की धरती पर त्रेतायुग की झलक जीवंत कर देगी।
कनक भवन, मणिरामदास छावनी, रामवल्लभाकुंज, रंगमहल, जानकीमहल, श्रीरामहर्षण कुंज, लक्ष्मण किला सहित बारह से अधिक मंदिरों से प्रभु की बरात और झांकियां नगर भ्रमण करेंगी। भक्ति संगीत, शहनाइयों और मृदंग की ताल पर जब बारात आगे बढ़ेगी, तो समूची अयोध्या जय सियाराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठेगी। हर गली-चौराहे को पुष्पों, पताकाओं और दीपमालाओं से सजाया जाएगा। मंदिरों में मांडव, हल्दी, तेल और बरात पूजन जैसे अनुष्ठान एक सप्ताह पहले से ही प्रारंभ हो जाएंगे।
राम विवाहोत्सव के इस अवसर पर अयोध्या का हर घर, हर आंगन ‘जनकपुर’ की पावन धरती-सा सुसज्जित होगा। नगर की दीवारें धर्म की ध्वजा से लिपटी दिखाई देंगी और सरयू के तट पर भक्ति का समंदर उमड़ेगा। मठ-मंदिरों में 20 नवंबर से अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा। नगर निगम, ट्रस्ट और प्रशासन इस दिन को आस्था और सुरक्षा के अभेद्य संगम के रूप में बदलने की तैयारी में जुटा हुआ है।
मठ-मंदिरों में शुरू हुई तैयारी
इस बार राम विवाहोत्सव के दिन 25 नवंबर को मठ-मंदिरों से राम बरात निकालना चुनौती से कम नहीं होगा। वजह यह है कि इसी दिन राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह प्रस्तावित है और करीब आठ हजार मेहमान बुलाए जा रहे हैं। मुख्य अतिथि के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी समेत राज्यपाल आनंदीबेन पटेटल व सीएम योगी आदित्यनाथ भी समारोह में आएंगे। राम मंदिर ट्रस्ट व प्रशासन का कहना है कि राम विवाहोत्सव की परंपरा शान से निभाई जाएगी।