जंगली जानवर की दहशत के कारण झुंड में जाते ग्रामीण।
रुदौली। गोमती नदी के किनारे बसे कलापुर गांव में दिखे हिंसक जानवर की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। खेतों में पगचिह्न और नाखून मिलने के बाद भी जानवर की पहचान नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने वन विभाग के दरोगा हृदयराम और कर्मचारियों पर मामले को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है।
घनश्याम यादव ने बताया कि जंगली जानवर बाघ ही है। इसकी दहाड़ सुनकर खूंटे में बंधी गाय और भैंस भी बंधन तोड़ने लगी थीं। रामकिशोर ने बताया कि यह बाघ या तेंदुआ हो सकता है। करीब 15 दिन पहले रामबालक की बकरी को भी किसी हिंसक जानवर ने निवाला बना लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय भी विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। शाम होते ही ग्रामीण घरों में कैद हो जाते हैं और खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।
जांच के लिए भेजा गया नाखून
डीएफओ प्रखर गुप्ता ने बताया कि बारिश के कारण पगचिह्न का नमूना नहीं लिया जा सका है। मौके से मिला नाखून जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही जानवर की पहचान स्पष्ट होगी। ग्रामीणों ने बाघ देखे जाने की बात कही है, जिसके बाद तीन टीमें गठित कर निगरानी की जा रही है। पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई होगी।