अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण कार्य की प्रगति और भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग बैठकें हुईं, जिनमें मंदिर परिसर और म्यूजियम से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया कि पहली बैठक मंदिर परिसर में हुई, जिसमें चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कार्यदायी संस्थाओं को अधिक से अधिक 15 अगस्त तक काम पूरा करने के लिए कहा गया है।
मुख्य फोकस एलएंडटी और टीसीई को जल्द से जल्द जरूरी सर्टिफिकेशन (प्रमाणीकरण) पूरा करने पर है, क्योंकि उनकी दो साल की डिफेक्ट लायबिलिटी (दोष दायित्व) अवधि है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण समिति अब मंदिर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र को भी विश्व स्तरीय बनाने पर ध्यान दे रही है। म्यूजियम को और आकर्षक बनाने की दिशा में ये कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालु न सिर्फ दर्शन करें बल्कि भगवान राम की पूरी कथा और यात्रा को विस्तार से समझ सकें। दूसरी बैठक रामकथा संग्रहालय में हुई, जिसमें कई नए फैसले लिए गए। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि भारत की नदियों के माध्यम से भगवान राम की यात्राओं को दिखाने वाली एक नई गैलरी बनाई जाएगी। इसमें इमर्सिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे आगंतुक वास्तविक अनुभव महसूस कर सकें। इसमें भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़ी देश की प्रमुख नदियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसकी शुरुआत सरयू नदी से होगी और समापन गुप्तार घाट पर केंद्रित रहेगा।
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‘दिव्य दर्शन’ गैलरी बनाने का फैसला
एक और महत्वपूर्ण फैसला ‘दिव्य दर्शन’ गैलरी बनाने का लिया गया है। नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि जब लोग मंदिर आते हैं तो भीड़ के कारण उन्हें जल्दी निकलना पड़ता है। इसलिए हम म्यूजियम में ‘दर्शन’ का एक खास प्रोग्राम आयोजित करेंगे। यह गैलरी राम लला मंदिर के ग्राउंड फ्लोर से कुबेर टीला तक की यात्रा को इमर्सिव (थ्री डी डिस्प्ले) तरीके से दिखाएगी। ऐसा लगेगा जैसे आप वास्तव में वहां खड़े हैं। यह पूरी गैलरी फिल्मिंग और इमर्सिव टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। सभी फैसले हो चुके हैं और यह चार महीने का प्रोजेक्ट है। उम्मीद जताई कि दो हफ्ते में फोटोग्राफी का काम शुरू हो जाएगा।